लखनऊ. कब्र की खुदाई के बाद भी बच्ची का शव प्रशासन बरामद नहीं कर सका। शव गायब करने को लेकर गुलाला घाट के ठेकेदार मल्लू और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ बच्ची के दादा की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। सभी फरार हैं। इनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
ठाकुरगंज इलाके में रविवार की सुबह बच्ची का शव गुलाला घाट पर दफनाया गया था। इसके बाद शाम को उसके दादा सुशील को बच्ची की याद आने लगी। वह गुलाला घाट गए, तो देखा कि कब्र खुदी थी और बच्ची का शव वहां से गायब था। इसकी शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी राजशेखर के आदेश पर सोमवार की शाम को कब्र की खुदाई का काम शुरू हुआ, लेकिन काफी खुदाई के बाद भी शव नहीं मिला।
शनिवार की रात क्वीन मैरी अस्पताल में हुई थी बच्ची की मौत
जानकारी के मुताबिक, अलीगंज के त्रिवेणीनगर इलाके में रहने वाले इंजीनियर सुशील पांडे की दस दिन की बच्ची थी। उसकी शनिवार की रात क्वीन मैरी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिवार के लोगों ने रविवार सुबह गुलाला घाट में बच्ची का शव दफनाया था और शाम को शव वहां से गायब था।
पुलिस के पहुंचने से पहले ठेकेदार कब्र पर मिट्टी डालकर हुआ फरार
सुशील पांडे ने परिवार वालों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के अन्य लोग भी वहां पहुंचे। सुशील ने मल्लू और वहां के मजदूर चंदर, छोटू और बीरेंद्र से शव के बारे में पूछा, तो उन्होंने जानवरों द्वारा कब्र खोदे जाने के बारे में बताया। ठेकेदार का उल्टा सीधा जवाब मिलने पर परिवार वालों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ठेकेदार और मजदूर पुलिस के पहुंचने के पहले ही वहां मिट्टी डालकर फरार हो गए। इसके बाद मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिसे संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कब्र खोदे जाने के आदेश दिए थे।
जिलाधिकारी के आदेश पर गुलाला घाट में बच्ची के कब्र की खुदाई करवाता हुआ प्रशासन (तस्वीर में)