पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Degree College Teachers Demand Ten Point Protest Gandhi Statue Lucknow Latest News

राजधानी में दस सूत्रीय मांगों को लेकर डि‍ग्री शि‍क्षकों ने गांधी प्रति‍मा पर दि‍या धरना

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लखनऊ. डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के लंबित प्रमोशन सहि‍त दस सूत्रीय मांगों के लिए रवि‍वार को हजरतगंज स्‍थि‍त गांधी प्रतिमा पर धरना दिया गया। इसका नेतृत्‍व लखनऊ वि‍श्‍ववि‍द्यालय संबद्ध महावि‍द्यालय शि‍क्षक संघ लुआक्‍टा ने किया। शि‍क्षकों का कहना था कि मांगे पूरी होने तक वह वि‍रोध व्‍यक्‍त करते रहेंगे।
लुआक्‍टा अध्‍यक्ष डॉ. मनोज पांडेय के नेतृत्‍व में रविवार को काफी संख्‍या में डि‍ग्री कॉलेज के शि‍क्षकों ने गांधी प्रति‍मा पर धरना देकर वि‍रोध जताया। मनोज पांडेय ने बताया कि 30 जून 2010 तक पुराने नियमों में रीडर/चयन वेतनमान प्राप्त शिक्षकों को पे-बैंड चार का लाभ अभी तक नहीं दिया गया है। जबकि लखनऊ विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्‍ववि‍द्यालय के शिक्षकों को यह लाभ प्राप्त हो चुका है। उन्‍होंने बताया कि संघ की मांग है कि परिनियमावली में संशोधन की तिथि तक पुराने नियमों से प्रोन्नति की जाए।

संघ के महामंत्री डॉ. आशू केडि‍या ने बताया कि शासन से वि‍श्‍ववि‍द्यालय सहि‍त डि‍ग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की अधिवर्षिता आयु तत्काल बढ़ाने की मांग की जा रही है। उन्‍होंने बताया कि अभी केवल धरने के माध्यम से ही विरोध करके राज्य सरकार को सचेत करने का प्रयास कि‍या जा रहा है। यदि सरकार फिर भी मांगे नहीं मांगती तो मजबूरन संघ को जेल भरो आंदोलन जैसे कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

यह हैं संघ की अन्‍य मांगें

मांगों को पूरा किए जाने के समर्थन में संघ की तरफ से सरकार से जो मांग की गई हैं उनमें महाविद्यालय के शिक्षकों को प्रोफेसर का पद दिया जाए। लखनऊ विश्वविद्यालय सें सहयुक्त महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों को शोध करवाने का अधिकार दिया जाए। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों को 62 वर्ष की आयु में गेच्युटी और मेडिकल लाभ दिया जाए।
इसके साथ ही फरवरी से जून के बीच वेतन वृद्धि लाभ दिया जाए। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट प्रदान किया जाए। इस्लामिया और कालीचरण (कामर्स) को राज्य सरकार द्वारा अनुदान सूची में सम्मिलित किया जाए। इसके अलावा प्रबंध कमेटी में शिक्षकों का 50 फीसदी प्रतिनिधित्व हो। स्ववित्त पोषित शिक्षकों को समायोजित करते हुए उन्हें स्थायी नियुक्ति प्रदान की जाए।
प्रतीकात्‍मक फोटो