लखनऊ. सूबे की पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए शासन ने जिलों के पुलिस कप्तानों से सुझाव मांगे हैं। सभी अधिकारियों से 15 दिन के भीतर सुझाव देने को कहा गया है। इन सुझावों के आधार पर ग्रह और पुलिस विभाग के आला अधिकारी आगे की पुलिसिंग की रणनीति तैयार कर अमल में लाएंगे।
सूबे में बढ़ते अपराध को रोकने और पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए डीजीपी एके जैन ने कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करके सम्मानित किया जाए। साथ ही घटना होने पर पुलिस तत्परता से कार्रवाई करे, जिससे जनता में अच्छा संदेश जाए। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाएं। इसके अलावा सांप्रदायिक सद्भाव और सौहार्द बनाए रखने के सभी प्रयास किए जाएं।
तत्काल मौके पर जाएं अधिकारी
डीजीपी ने कहा कि कोई महत्वपूर्ण घटना होने पर जिले के अधिकारी तत्काल मौके पर जाएं। लूट की घटनाओं की रोकथाम के लिए रूटीन गश्त को और दुरुस्त करने, कच्ची शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने को कहा गया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को नए कानूनों और नियमों की जानकारी देने के लिए वर्कशाप और सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी पर दिया जोर
थानों में आगंतुक रजिस्टर रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी पर जोर दिया गया। हालांकि, इस सब के बाद भी डीजीपी ने सूबे भर के अधिकारियों से पुलिस की रणनीति को और मजबूत बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं। एके जैन ने बताया कि सुझावों को जमीनी हकीकत से मिलाकर देखा जाएगा। जो सुझाव अमल में लाने लायक होंगे उन्हें तत्काल अमल में लाया जाएगा, जिससे पुलिसिंग अच्छी हो और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
डीजीपी एके जैन की फाइल फोटो।