फोटोः पुराने लखनऊ में मोटर साइकिल से रूट मार्च के दौरान बाइक चलाते हुए जिलाधिकारी राजशेखर साथ में पीछे बैठे हैं एसएसपी यशस्वी यादव। (M 08 नंबर की बाइक)
लखनऊ. चेहल्लुम जुलूस से पहले पुलिस का रूट मार्च कुछ इस अंदाज में देखने को मिला। सबसे आगे लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर बाइक चला रहे थे और उस पर पीछे बैठे थे एसएसपी यशस्वी यादव। राजधानी में पहली बार इस तरह का नजारा देखने को मिला जब जिलाधिकारी और एसएसपी खुद एक ही बाइक पर सवार होकर सबसे आगे जवानों के साथ चल रहे थे।
पुराने लखनऊ में बीते दिनों में बढ़ते विवाद और और मोहर्रम के महीने में जुलूसों को शांति युक्त माहौल में सम्पन्न करवाना बड़ी चुनौती है। इसके लिए शनिवार को पुलिस ने जिलाधिकारी और एसएसपी की अगुवाई में रूट मार्च कर अपना दम खम दिखाया। प्रशासन ने रविवार को चौक बाजार से निकलने वाले चेहल्लुम जुलूस को शान्ति पूर्ण माहौल में करवाने के लिए तैयारी कर ली है। पिछले चार दिनों में चौक और वज़ीरगंज इलाके में मजलिस के दौरान हुए बवाल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सजग है।
हालांकि मजलिस के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती थी, जिसकी वजह से बवाल के बाद इलाके में तत्काल अमन-चैन कायम हो पाया था। चेहल्लुम के जूलुस को शान्ति पूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिले के डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी यशस्वी यादव और जिलाधिकारी राजशेखर सभी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
जुलूस के दो दिन पहले से शुरू है रूट मार्च
जुलूस से दो दिन पहले डीआईजी, एसएसपी और जिलाधिकारी की देखरेख में सैकड़ों जवानों ने हूटर लगी मोटर साइकिलों से संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च शुरू कर दिया है। पुलिस रूट मार्च शुक्रवार शाम चौक थाना क्षेत्र से शुरू हुआ और पुराने लखनऊ की उन सकरी गलियों से होता हुआ गुजरा, जहां अशान्ति के आसार रहते हैं। पुराने लखनऊ को पुलिस ने छावनी में तबदील कर दिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों से भी अराजक तत्वों पर नज़र रखेगी। जवान जुलूस के दौरान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेंगे।
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