डीएम राजशेखर की फाइल फोटो
लखनऊ. उच्च शिक्षण संस्थानों में सत्र की शुरुआत होने के बाद रैंगिग की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। डीएम ने रैंगिग से निपटने के लिए गाइड लाइन जारी करते हुए रात नौ बजे के बाद जूनियर स्टूडेंट्स को सीनियर स्टूडेंट्स से मिलने नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही महिला और पुरुष छात्रावासों के पास सादे कपड़ों में पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी को नियुक्त किए जाने का निर्देश दिया गया है।
डीएम राजशेखर की तरफ से जारी निर्देश में रैंगिग के प्रति जागरुक करने के लिए शिक्षण संस्थाओं को अपनी तरफ से बैनर और होर्डिंग्स लगाने के साथ ही छात्र और उनके अभिभावकों से शपथ पत्र लेने को कहा गया है। सभी शिक्षण संस्थानों को दो माह तक रैगिंग विरोधी दस्ते द्वारा लगातार रैंगिग वाले स्थानों पर खास तौर से संवेदनशीलता बरतने को कहा गया है। एक क्लास से दूसरी क्लास में जाते समय नवागंतुक छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था करने और ऐसे छात्रों को परिसर के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा नए छात्रों को सीनियर छात्रों से दूर रखने के साथ ही दोनों छात्रावासों के बीच पर्याप्त ऊचांई की बाउंड्रीवॉल बनाने को कहा गया है।
छात्रों की अनाधिकृत उपस्थिति के बारे में देनी होगी सूचना
सभी छात्रावासों के छात्रावास अधीक्षकों को अपने यहां उपस्थिति रजिस्टर रखने को कहा गया है, जिसमें छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने को कहा गया है। यदि किसी छात्र द्वारा बिना सूचना दिए अनुपस्थित होने की सूचना मिलती है तो इसकी सूचना सक्षम प्राधिकारी द्वारा छात्र के अभिभावकों को देनी होगी। सूचना में यह भी बताना होगा कि छात्र कितने घंटे से अनुपस्थित है।
शिकायत पेटिका रखी जाएगी
नवागंतुक छात्रों की समस्याओं को देखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को अपने यहां पर शिकायत पेटिका रखे जाने का निर्देश दिया गया है। इस शिकायत पेटिका में बिना पहचान हुए छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी छात्रावास में रैगिंग की घटना पाई जाती है तो इसकी जवाबदेही संबंधित प्राधिकारी की होगी।
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