फोटो: डॉग शो में इशारा करते ही दुश्मन को नोंचने दौड़ पड़ा जर्मन शेफर्ड।
लखनऊ. कोई जाली से छलांग लगा रहा था तो कोई खूंखार होकर दुश्मन को नोंचने दौड़ पड़ा। यह नजारा बुधवार को कैंट के सूर्या खेल परिसर में हुए डॉग शो में नजर आया। इसमें अलग-अलग नस्ल के डॉग ने हिस्सा लिया। इसके लिए इन्हें खासतौर पर ट्रेंड किया गया था। इसके अलावा पोलो कप का भी आयोजन किया गया।
लखनऊ कैंट के सूर्या खेल परिसर में बुधवार को आर्मी की मध्य कमान ने डॉग शो का आयोजन किया। इसमें अलग अलग नस्ल के कुत्तों ने हिस्सा लिया। इन्हें पहले से ही ट्रेनिंग दी गई थी। इशारा करते ही डॉग समझ जाते हैं कि क्या करना है। ये डॉग आर्मी के जवानों के एक इशारों पर काम करते थे।
जर्मन शेफर्ड को दुश्मन पर अटैक करने के लिए ट्रेंड किया था। इसमें खास बात ये थी कि ये इशारा पाते ही दुश्मन पर टूट पड़ता था और जब तक दुश्मन धरती पर गिर नहीं जाता था, ये अटैक बंद नहीं करता था। शो में लेब्राडोर नस्ल के भी डॉग थे। इनको सिखाया गया था कि ये हमेशा ट्रेनर के बाएं तरफ ही खड़े हों। इस दौरान इन डॉग ने ट्रेनर के इशारे पर कमल का फूल भी बनाकर दिखाया। इसे देख सभी ने खूब तालियों बजाईं। इसके अलावा आग के गोले से भी छलांग लगाई और लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन भी किया।
इसके साथ यहां पर आर्मी कमांडर पोलो कप का आयोजन भी किया गया। इसके लिए दो टीम बनी थीं, जिनमें अवध योद्दा और अवध सुल्तान थी। घोड़ों पर सवार होकर जब खिलाडियों ने स्टिक चलाई तो घोडों की कदम ताल के साथ खिलाड़ियों का खेल देखकर हर किसी ने उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर इन खिलाडियों का खेल देखने के लिए पवेलियन स्टैंड में लोगों की काफी भीड़ मौजूद थी। सभी अपनी-अपनी टीम का हौसला बढ़ा रही थीं। टूर्नामेंट में मेजर समीर चौधरी, ब्रिगेडियर एसएस कश्यप, जय शेरगिल, लेफ्टीनेंट कर्नल फैज सिद्दकी ने हिस्सा लिया। खेल को चार चक्कर का रखा गया था, जिसके हर चक्कर के लिए साढ़े सात मिनट का समय निर्धारित किया गया था। इस खेल में 40 घोडों का इस्तेमाल किया गया था। इस कप में शामिल ज्यादातर खिलाड़ी राष्ट्रीय पोलो टीम में खेल चुके हैं। प्रतियोगिता का के विजेता अवध योद्दा रहे।
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