लखनऊ. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने एक निजी कंपनी के दवा डिपो में छापा मारकर तीन नमूने जांच के लिए भेज दिए। इस दौरान टीम ने डिपो को जांच रिपोर्ट आने तक के लिए सीज कर दिया गया। आरोप है कि दवाओं के रख-रखाव में लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे मरीज की सेहत को खतरा हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, कंपनी के डिपो पर छापा मारने गई टीम के सदस्यों को वहां पर दवाओं के रख रखाव को लेकर निर्धारित मानकों के पालन में अनियमितता देखने को मिली है। ट्रांसपोर्टनगर में कंपनी के डिपो से पूरे यूपी में दवाओं की सप्लाई की जाती है। ऐसे में कंपनी की आय अधिक है। अब यहां से लिए गए नमूनों की गुणवत्ता का आंकलन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकता है।
शिकायत पर एफडीए ने मारा छापा
ट्रांसपोर्टनगर के फेज दो में हिमंचल प्रदेश की दवा कंपनी मार्क लेबोरेट्री लिमिटेड का डिपो है। इस डिपो के बारे में पिछले कई दिनों से फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की टीम को दवाओं के रख रखाव में अनियमितता की शिकायत मिल रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए सोमवार को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के सहायक आयुक्त अनूप कुमार की अगुवाई में टीम ने छापा मारा। अनूप कुमार के मुताबिक, कंपनी के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। कंपनी को नोटिस का जवाब देना होगा।
अचानक डिपो पर छापेमारी की खबर आते ही, वहां पर काम करने वाले कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि डिपो में दवाओं का रख रखाव सही नहीं होने के साथ ही एक्सपायरी दवाओं को सही तरीके से नहीं रखा गया है। इसकी वजह से डिपो को सीज कर दिया गया।
एक्सपायरी दवाओं के स्टॉक की नहीं है जानकारी
टीम को निरीक्षण के दौरान यह भी देखने को मिला कि बड़े ऑपरेशन के प्रयोग में आने वाले इंजेक्शन को सही तापमान पर न रखने के साथ ही अन्य दवाओं का रख रखाव भी सही तापमान में नहीं किया जा रहा है। वहीं, एक्सपायरी दवाओं के स्टॉक के बारे में पूछने पर कर्मचारी सही जवाब नहीं दे सके।
क्या कहते हैं ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर संजय यादव ने बताया कि वहां पर जो नमूने लिए गए हैं, वे तीनों इंजेक्शन के नमूने हैं। यह इंजेक्शन ऑपरेशन के दौरान प्रयोग में लाए जाते हैं। इनमें मिरोमार्क, एजोमार्क और एमोप्लाड इंजेक्शन शामिल है। इनके नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।