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लखनऊ. दुर्गा पूजा में मूर्तियों का विसर्जन खासतौर से गंगा और यमुना में करना आयोजकों के लिए अब भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार ने गंगा और यमुना में मूर्ति विसर्जन पर हाईकोर्ट के प्रतिबंध को हर जिले में सख्ती से लागू कराने की योजना पर अब सख्ती से काम करना शुरू कर दिया है।
इसके लिए सोमवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन ने आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए जिलों में तैनात जिलाधिकारियों से विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर उन्हें कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा को देखते हुए हर जिले में कड़ाई से मूर्ति विसर्जन के मामले पर हाईकोर्ट के निर्णय को लागू किया जाए।
हाईकोर्ट में देनी है रिपोर्ट
यह सारी कवायद राज्य सरकार इसलिए कर रही है क्योंकि उसे मूर्ति विसर्जन को लेकर एक हफ्ते के अंदर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। बताते चलें कि शुक्रवार को हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया था कि वह एक सप्ताह में मूर्ति विसर्जन को लेकर फंड देने का फैसला करें। गंगा में प्रदूषण पर कोर्ट ने यह आदेश एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दी।
नियमानुसार होगा मूर्ति विसर्जन
ऐसा नहीं है कि राज्य सरकार किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करके मूर्ति विसर्जन को रोकेगी। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भारत सरकार के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन के हिसाब से ही अपने-अपने जिलों में मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम पूरा कराया जाए।
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