लखनऊ. प्रदेश में लगातार हो रही ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों ने भारत के निर्वाचन आयोग के माथे पर भी शिकन ला दी है। आयोग ने यूपी के बढ़ते क्राइम ग्राफ का संज्ञान लेते हुए सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को चुनावी दृष्टिकोण से उनके कार्यक्षेत्र के संवेदनशील होने का सही आकलन करने को कहा है, ताकि चुनावों के समय कानून-व्यवस्था को संभाला जा सके।
लोकसभा चुनाव के पहले चुनावी तैयारियों का जायजा लेने चुनाव आयोग के केन्द्रीय उप मुख्य निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्शी प्रदेश के दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान राजनीतिक पार्टियों के नेताओं व अधिकारियों के साथ बैठक की, अपने दो दिवसीय दौरे के अखिरी दिन पत्रकारों से बात-चीत कर दौरे का पूरा हवाला दिया। हालांकि सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों से बैठक के दौरान पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थे, इसके चलते चुनावों के दौरान दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था का सही आकलन नहीं हो सका। चुनाव आयोग की अगली बैठक सभी जिलों के पुलिस के कप्तानों के साथ होगी।
उप निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्शी ने बैठक के बाद बताया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मनी पावर पर नियंत्रण के लिए आयोग ने एक कदम आगे बढ़कर काम किया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर एक मैकेनिज्म विकसित किया गया है। चेक पोस्ट व नाके के तौर पर स्टेटिक सर्विलांस और फ्लाइंग स्क्वाएड टीम बनाई गई है। जहां भी इन्हें लगता है कि यह धन मतदान को प्रभावित करने के लिए लाया जा रहा है उसे जब्त कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
आगे जानिए निर्वाचन आयोग कब तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा...