लखनऊ. यूपी में बिजली संकट को लेकर गवर्नर राम नाईक एक कार्यक्रम के दौरान सोमवार को बिफर पड़े। उन्होंने सीएम की मौजूदगी में इसका सबसे बड़ा कारण बिजली चोरी को बताया। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन में लॉस तो समझ में आता है, लेकिन बिजली चोरी लाइन लॉस का सबसे बड़ा कारण है। बिजली चोरी करने वाला आम आदमी नहीं बल्कि बड़ा आदमी होता है। नाईक ने ऐसे बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चौराहे पर लाकर खड़ा कर देना चाहिए। उन्होंने सोमवार को विद्युत नियामक आयोग के नए भवन का शिलान्यास किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में यूपी सीएम अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।
सोमवार को यूपी विद्युत नियामक आयोग के नए भवन का शिलान्यास करने पहुंचे गवर्नर राम नाईक ने कहा कि देश में सबसे कम लाइन लॉस केरल में दर्ज होता है। वहां केवल 11.6 फीसदी , महाराष्ट्र में 16.27 फीसदी जबकि यूपी में 32.27 फीसदी लाइन लॉस दर्ज होता है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम अखिलेश भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है। लाइन लॉस यदि कम किया जाए तो जरूरत वालों को बिजली मिल सकती है। साथ ही कम दाम में भी बिजली खरीदी जा सकती है।
ग्राहक राजा होता है
गवर्नर राम नाईक ने विद्युत उपभोक्ताओं की सहूलियत का ध्यान रखे जाने की बात रखते हुए कहा कि ग्राहक राजा होता है इसलिए उसे उसकी सहूलियत के हिसाब से बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिमांड और सप्लाई के बीच के अंतर को कम करने के लिए ज्यादा बिजली पैदा करनी होगी। साथ ही ट्रांसमिशन लॉस को कम करना होगा। राज्यपाल ने इशारों-इशारों में इंजीनियरों को समझाते हुए कहा कि बिजली की कमी का ठीकरा केंद्र सरकार पर न फोड़ें। पहले बिजली चोरों पर कार्रवाई करें और लाइन लॉस को रोक कर डिमांड और सप्लाई के अंतर को कम करें।
जरूरी था नए भवन का निर्माण
इस अवसर पर विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के कारण विद्युत नियामक आयोग का नया भवन बनना जरूरी था। उन्होंने कहा कि बिना बिजली के विकास नहीं हो सकता। विकास और सरकार की छवि के लिए बिजली जरूरी है।
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