फाइल फोटोः छत पर सोलर एनर्जी पैदा करने के लिए लगा संयंत्र।
नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन डे: पूरी दुनिया में एनर्जी कंजर्वेशन पर बात हो रही है। यूपी सरकार ने प्रदेश को रोशन करने के लिए सोलर एनर्जी छत पर लगवाने के लिए मदद देने का दावा कर रही है, जिससे प्रदेश में बिजली की किल्लत को कम किया जा सके। पेश है नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन डे (14 दिसंबर पर) यूपी सरकार के इस पहल की एक रिपोर्ट।
लखनऊ. यूपी सरकार ने बिजली उत्पादन को लेकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया है। इसके लिए रूफ टॉप पॉलिसी बनाई गई है। इसके तहत घर की छत पर बिजली पैदा करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें आर्थिक मदद भी मिलेगी, जिससे जहां बिजली की कमी को दूर किया जा सकेगा, वहीं बिजली के बिल से भी निजात मिलेगी।
देश में सबसे ज्यादा बिजली डिमांड यूपी में होती है। सप्लाई के अंतर वाले इस प्रदेश में बिजली बचाने के लिए हर व्यक्ति भागीदार हो सकता है। वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों के इस्तेमाल से ना सिर्फ बचत होगी, बल्कि ज़रूरत की ऊर्जा के लिए किसी और पर आश्रित भी नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने भी लोगों को इस ओर आकर्षित करने, बिजली बचाने और बिजली के लिए सेल्फ डिपेंड होने के उद्देश्य से रूफ टॉप पालिसी बनाई है।
सरकार के बिजली संकट से बचने और बिजली बचाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ही प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) ने रूफ टॉप पॉलिसी तैयार की। इसके तहत लोगों को खुद ही अपनी जरूरत की बिजली घर या बिल्डिंग की छत पर सोलर पैनल लगाकर पैदा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें छतों पर सोलर पैनल लगाकर उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से बिजली पैदा कर इस्तेमाल कर सकेगा। बिजली संकट के बीच खुद बिजली पैदा कर इस्तेमाल करने के लिए इच्छुक लोगों और संस्थानों को नेडा उपकरण खरीदने से लेकर लगाने तक में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा। साथ ही उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी मुहैया कराएगा।
क्या है रूफ टॉप पॉलिसी
नेडा का प्लान है कि प्रदेश की हर व्यावसायिक इमारत, इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थान अपने बड़े-बड़े परिसर और छतों पर सोलर पैनल लगवाएं। इन पैनल के जरिए वह कम से कम दिन के लिए अपनी जरूरत की कुल या उससे कुछ कम बिजली खुद पैदा कर सके। इसके लिए नेडा संस्थाओं को 30 फीसदी तक सब्सिडी भी उपलब्ध कराएगी। सोलर एनर्जी की कीमत कॉरपोरेशन की कामर्शियल बिजली की कीमत से कम हो जाएगी।
आगे पढ़िए, किसे हो सकता है सबसे अधिक फायदा...