लखनऊ. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बसपा के पूर्व विधायक रामप्रसाद जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई की है। ईडी ने उनकी 4.18 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति जब्त कर ली है। बसपा के पूर्व विधायक की यह संपत्ति लखनऊ के चिनहट इलाके में हैं। रामप्रसाद जायसवाल एनआरएचएम घोटाले के आरोपी बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी हैं। फिलहाल वह गाजियाबाद के डासना जेल में बंद हैं। ईडी ने इससे पहले उनकी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और ब्यौरा मांगा था। जायसवाल दस्तावेज मुहैया कराने में नाकाम रहे थे। इसके बाद गुरुवार को ईडी ने यह कार्रवाई की।
बताते चलें कि रामप्रसाद जायसवाल देवरिया के बरहज क्षेत्र से बसपा के विधायक रह चुके हैं। देवरिया, गोरखपुर और लखनऊ में उनकी करीब 80 करोड़ रुपए की संपत्ति को ईडी पहले ही जब्त कर चुकी है। चिनहट इलाके में उनकी जायसवाल ग्रुप हाउसिंग के नाम से करीब 40 हजार स्क्वायर फीट की जमीन है। उन्होंने इसे ईडी से छिपाने की खूब कोशिश की थी। इस जमीन को उनके बेटे और करीबी एग्रीमेंट पर देने की फिराक में थे। जैसे ही ईडी को इसकी जानकारी मिली, इसे जब्त कर लिया गया।
ये संपत्तियां की जा चुकी हैं जब्त
ईडी ने अप्रैल 2014 में बसपा के पूर्व विधायक की कई संपत्तियां जब्त की थी। देवरिया में उनकी पत्नी रेणु जायसवाल के नाम पर बने होटल रेणुका इन, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पलेक्स, बरहज और सौदा गांव के प्लॉट, उनके बेटे एसएस जायसवाल की कंपनी श्याम गंगा बिल्डर्स और गोरखपुर स्थित एक स्कूल की संपत्ति को ईडी पहले ही सीज कर चुकी है। फिलहाल ईडी उनकी संपत्तियों को जब्त करेगी। बाद में उसकी कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फाइल फोटो: बसपा के पूर्व विधायक रामप्रसाद जायसवाल।