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ट्रक में पैसा भरकर गोदाम भेजता था \'घोटालेबाज\' यादव सिंह, मशीन से होती थी गिनती

7 वर्ष पहले
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फोटो: प्रतीकात्मक। इनसेट में यादव सिंह।
लखनऊ. काली कमाई से अरबों की संपत्ति जुटाने के आरोपों में घिरे नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी यादव सिंह को सोमवार को सीएम के निर्देश के बाद सस्पेंड कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, यादव सिंह के पास कितना पैसा है, उसे खुद नहीं पता है। उसकी दलाली और कमीशन की रकम इतनी हो जाती थी कि उसे ढोने के लिए मिनी ट्रक की जरूरत पड़ती थी। ट्रक में बैठे दो लोग गाड़ी को नोएडा स्थित एक गुप्त स्थान पर ले जाते थे। इसके बाद चालक को बाहर करके फैक्ट्री के तहखाने में रुपए से भरे बोरों को फर्श पर गिरा दिया जाता और मशीन से गिना जाता था।
यादव सिंह के यहां आयकर छापे के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उससे पूरा मामला फिल्मी लग रहा है। यादव सिंह नोट छिपाने के लिए जिस बिना नंबर के मिनी ट्रक का इस्तेमाल करता था, उसमें ऊपर कागज या कोई अन्य सामान रख उसे गोदाम के लिए रवाना किया जाता था। ट्रक के ड्राइवर को भी यह पता नहीं होता था कि गाड़ी में क्या रखा हुआ है। इसके बाद कोड नाम 'यादव सिंह' और 'पंडित जी' का गाड़ी और पैसा रोकने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी।

तीन मशीनों से गिनते थे पैसे
सूत्रों के अनुसार, कमीशन और दलाली में मिले पैसे रात में गिने जाते थे। इनमें यादव सिंह के अलावा भाई साहब और पंडित जी के नाम से मशहूर दो अन्य शख्स की हिस्सेदारी निकलती थी। उनके अलावा भी कई लोगों की हिस्सेदारी होती थी। ये सारे काम 'भाई साहब' और 'पंडित' कोड वर्ड से होता था।

पैसा छिपाने के कई तरीके
सूत्रों के अनुसार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेनो एक्सटेंशन और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तकरीबन 100 हेक्टेयर जमीन की बंदरबांट इसी टीम ने किया। इस मामले में बड़े ओहदे पर तैनात अधिकारी काली कमाई में हिस्सेदारी लेकर आवंटन पत्र थमाते थे। बड़े अधिकारियों को किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए बड़ी हिस्सेदारी देने का मामला भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, एक अधिकारी ने काली कमाई का पूरा पैसा पंजाब में जमीन खरीदने में इनवेस्ट किया है।
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