लखनऊ. यूपी सरकार की उपेक्षा से परेशान ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। वे पिछले तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे। सूचना पर उनके साथियों ने आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उनके जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें उन्होंने
मुलायम सिंह यादव और अखिलेश सिंह यादव पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाया है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ के कार्यकर्ता अपने प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस कदम के पीछे सरकारी मशीनरी की उपेक्षा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस घटना के बाद अखिलेश यादव के समर्थक काफी उग्र हो गए हैं और प्रशासन को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके नेता को कुछ हुआ तो उसके लिए सीधे तौर पर सीएम और प्रशासन जिम्मेदार होगा। इसके बाद वे चैन से नहीं बैठेंगे।
मंच पर बोलने से पहले मुंह से निकलने लगा खून
संघ के महामंत्री भूपेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि अखिलेश यादव इस तरह का कदम उठा सकते हैं। संघ के लोगों को पता चलने के पहले ही उन्होंने जहर खा लिया था। जब उन्हें मंच पर बुलाया गया तो बड़ी मुश्किल से खड़े होते हुए वे मंच पर आए और जब तक कुछ बोलते उनके मुंह से खून आने लगा। किसी को कुछ भी समझ नही आया। तब रोते हुए अखिलेश ने बताया, ' मुझे लग रहा है कि सरकार मेरी बातों को नहीं सुनेगी। इसीलिए मैंने जहर खाने का कदम उठाया। हो सके तो मुझे माफ कर देना।'
सिविल अस्पताल में कराया गया भर्ती
अखिलेश यादव की बात सुनते ही मंच के पास मौजूद सैकड़ों लोगों को जैसे सांप सूंघ गया हो। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था की अब क्या होगा? मौके पर इकट्ठा भीड़ ने उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां अखिलेश की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
आगे पढ़िए सुसाइड नोट में क्या लिखा है...