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पाचं सौ रुपए खर्च करके मल्टीस्टोरी पार्किंग में किया जा सकता है कब्जा

7 वर्ष पहले
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लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की हजरतगंज और डीएम हाउस के सामने बनाई गई पार्किंग कार गैराज वालों का गोदाम बनकर रह गई है। इतना ही नहीं मल्टीस्टोरी पार्किंग के एक फ्लोर को सुरक्षा एजेंसी वालों ने ही कब्जा कर लिया है। यहां पर ज्यादातर उन्हीं की गाड़ी खड़ी रहती है। कुछ गाड़ियां तो इतने दिनों से खड़ी हैं कि उनके बोनट कम और धूल ज्यादा दिखाई देती हैं। कार गैराज वाले भी वहां बस 500 रुपए महीने का एक पास बनाकर गाड़ी खड़ी करते हैं।
एक कर्मचारी के अनुसार, वहां खड़ी गाड़ियां कई महीनों तक खड़ी रहती हैं। उनका मासिक पास रेवेन्युु होता रहता है इसके बाद वो पंचर हो या फिर सही इस बात से उन्हें कोई मतलब नहीं होता। उन्हें सिर्फ मासिक पास रेवेन्यु कराने से मतलब होता है। यहां खड़ी गाड़ियों में बीएमडब्लू, मर्सिडीज और फॉर्च्यूनर जैसी महंगी गाड़ियां हैं। जिस फ्लोर पर ये गाड़ियां खड़ी रहती हैं, वहां ज्यादातर अंधेरा होता है, जिससे कोई इन्हें देख नहीं सके।
बकायदा बनाया जाता है आईडी
एक कर्मचारी ने बताया कि वहां खड़ी गाड़ियों की आरसी और एक आईडी लेने के बाद ही इसे रखते हैं। इस विभाग को देखने वाले अधिकारी रवि अवस्थी का कहना है कि नियम यही है कि मासिक पास बनवाकर आप यहां गाड़िया खड़ी रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिनके पास गांड़ियां खरीदने की क्षमता तो है लेकिन उनके छोटे घर हैं या फिर संकरी गलियों में हैं, इसलिए वे अपनी गाड़ियों को घर में नहीं रख सकते हैं।
लोगों को होती है दिक्कत
वहीं, प्रियंका मिश्रा का कहना है कि यहां पर कार गैराज वालों का ही कब्जा रहता है, जबकि जगह न मिलने की वजह से जब वे सडकों पर गाड़ियां पार्क करती हैं तो ट्रैफिक वाले चालान करते हैं। हजरतगंज में शॉपिंग करने आए दिव्यांशु का कहना है कि एलडीए की पार्किंग लोगों की सुविधाओं के लिए नहीं बल्कि पैसे कमाने के लिए है। आम आदमी को पार्क करने के लिए जगह ही नहीं मिलती है। अगर इधर-उधर गाड़ी खड़ा करते हैं तो चोरी होने का डर है।
तस्वीर में: पार्किंग में खड़ी गाड़ी।