फोटोः निजी अस्पताल के समाने पुलिस मरीजों के परिजनों से भिड़ती हुई, इनसेट में मासूम रेयांस।
लखनऊ. राजधानी के बड़े अस्पतालों में गिने जाने वाले फोर्ड में सोमवार को एक अजब-गजब मामला सामने आया है। गोमतीनगर के विभव खंड की रहने वाली रैना श्रीवास्तव दोपहर दस बजे अपने तीन वर्षीय मासूम रेयांस को अपने साथ लेकर फोर्ड हॉस्पिटल में दिखाने आई थी। उनके बच्चे का वहीं पर कुछ समय पहले ऑपरेशन हुआ था। दोपहर डेढ़ बजे जब डॉक्टर ने रेयांस को देखा, तो उसे सीधे ऑपरेशन थियेटर ले गया, जहां उसके प्राइवेट पार्ट का इलाज कर दिया।
छेड़छाड़ की वजह से उसके प्राइवेट पार्ट में सूजन आ गई और और पेशाब करते वक़्त खून आने लगा। इससे नाराज होकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू किया, तो सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारी और मासूम के मामा को पकड़कर थानें में लाकर बैठा दिया। वहीं फोर्ड में इलाज करवा रही बस्ती की रहने वाली गरिमा सिंह के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगते हुए परिजनों ने गोमतीनगर थानें पर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही।
रेयांस की मां रैना श्रीवास्तव के मुताबिक, उन्होंने डॉक्टर को बताया कि जहां इलाज किया हैं, वहां इलाज नहीं करना था, बल्कि उसके ऑपरेशन वाली जगह पर सूजन थी। इसलिए वहां के लिए कोई दवा चाहिए थी। तब डॉक्टर ने उसके परेशानी के लिए दवा लिखी। दवा लेकर रैना श्रीवास्तव अपने घर पहुंचीं, तो रेयांस की हालत और बिगड़ गई। इससे नाराज होकर परिजन फोर्ड अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन से शिकायत की।
डॉक्टर ने मानी गलती, फिर भी पुलिस ने बिगाड़ा मामला
इलाज करने वाले डॉक्टर वैभव खन्ना ने कहा है कि हां उनसे गलती हुई है। चूक से दूसरी जगह का इलाज कर दिया है, लेकिन जो इलाज किया गया है वह भी जरुरी था। उस इलाज से बच्चे को कोई परेशानी नहीं होगी और वह ठीक हो जाएगा। इस बात पर परिजनों में आम सहमती बन गई और मामला शांत हो रहा था, तभी सूचना पाकर वहां पुलिस पहुंच गई। पुलिस के पहुंचते ही मामला बिगड़ गया।
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