लखनऊ. सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर एक विकलांग बेरोजगार युवक से एक लाख 80 हजार रुपए ठग लिए। विकलांग को न तो नौकरी मिली और न ही उसकी रकम। पीड़ित ने इसकी जानकारी पुलिस को देते हुए हुसैनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
अमेठी के मकदुमपुर का रहने वाला दिनेश प्रताप सिंह विकलांग युवक है। उसने बताया कि करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात सचिवालय के सामने प्रेम शंकर त्रिपाठी, मनोज, कृष्ण मुरारी शुक्ल, चन्द्र प्रकाश शुक्ला और सूर्य प्रकाश शुक्ल से चाय की दुकान पर हुई थी। सभी ने मिलकर सचिवालय में प्रवक्ता के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसा लेने के बाद भी टरकाते रहे।
राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद पर समायोजित के लिए लिया घूस
दलालों ने नियुक्ति होने के बाद राजकीय इंटर कॉलेज में समाजशास्त्र प्रवक्ता के पद पर समायोजित करने का दावा भी किया था। आरोपियों ने नौकरी के नाम पर उनसे एक लाख 80 हजार रुपए बतौर घूस मांगी थी। विकलांग बेरोजगार जालसाजों के झांसे में आ गया और उसने अपनी गाढ़ी कमाई आरोपियों को दे दी। रकम देने के काफी वक्त बीत जाने के बाद भी दिनेश को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद वह पैसा वापस मांगने लगा।
चेक दिए वो भी बाउंस हो गए
दलाल उसे हर बार सब्र करने का ढांढस बंधा देते थे, लेकिन धीरे-धीरे एक से डेढ़ साल बीत गए। इसके बावजूद, उसे नौकरी नहीं मिली। इस पर वह अपना पैसा मांगने लगा। जालसाजों ने पीड़ित को 40 हजार का चेक और तीन हजार नगद रुपए दे दिए, वह चेक भी बैंक में लगते ही बाउंस हो गया। खुद को ठगा पाकर पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ हुसैनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य तमाम धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस जुटी है।
फोटोः लखनऊ एनेक्सी (सचिवालय)