लखनऊ. कार में पड़ोसी की गाड़ी का नंबर लिखकर चल रहे युवक को महानगर पुलिस ने रहीमनगर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। युवक को कार वी केयर मल्टीट्रेड प्राली कंपनी ने गिफ्ट में दी थी, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया। इसके बाद युवक ने अपने पड़ोसी की गाड़ी का नंबर उसपर लिख कर चलने लगा। पुलिस ने गाड़ी सीज कर उसे जेल भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, गरीबों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार हुई वी केयर मल्टीट्रेड प्रा.ली. ने दो साल पहले अपने निवेशकों की गाढ़ी कमाई को लेकर फरार हो गई थी। उसके निवेशकों ने इसे लेकर कृष्णानगर कोतवाली में मामला भी दर्ज करवाया था। पकड़े गए युवक ने बताया कि वी केयर मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के संचालक का नाम पीपी सिंह था। कृष्णानगर इंस्पेक्टर ने वी केयर मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड और पीपी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला जून 2012 में दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
500 गाड़ियां अपने अधिकारियों-कर्मियों को बतौर भेंट में दी
फर्जीवाड़ा करने के बाद कंपनी ने कर्मचारी को कार भेंट में दी थी, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। बताया जा रहा है कि लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा लेकर कंपनी ने करीब 500 गाड़ियां अपने अधिकारियों-कर्मियों को बतौर भेंट में दी थी। पुलिस बाकी गाड़ियों की तलाश में जुटी है।
करीब 86 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया
महानगर इंस्पेक्टर नागेंद्र चौबे ने बताया कि आरोपी कृष्णानगर इलाके में स्थित वी केयर मल्टीट्रेड में काम करता था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ठाकुरगंज नगरिया निवासी अंकित कुमार बताया है। आरोपी के कब्जे से कार यूपी-32 ईबी 6174 बरामद हुई है।
कंपनी ने कर्मियों के करीब 500 कारें भेंट दी थी। इसमें से करीब 86 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। उन्हीं में से एक कार अंकित के पास थी। आरोपी ने अपने पड़ोसी की गाड़ी का नंबर अपनी कार में लगवा रखा था। उन्होंने बताया कि बगैर रजिस्ट्रेशन की अन्य गाड़ियों की तलाश की जा रही है।
गाड़ी के साथ गिरफ्तार युवक अंकित कुमार (तस्वीर में)