मोहनलालगंज. मोहनलालगंज से दो हफ्ते पहले लापता हुए मजदूर का शव बाराबंकी के मसौली में एक खेत से पुलिस ने उसके दोस्तों की निशानदेही पर बरामद किया है। बाइक लूटने के लिए मजदूर के दोस्तों ने ही उसकी गला दबाकर हत्या की थी। दोस्तों को गिरफ्तार कर पुलिस ने बाइक और
मोबाइल बरामद किया है।
मृतक मजदूर राजेश गौतम (31) मोहनलालगंज के जैतीखेड़ा गांव का रहने वाला था। वह बीते 31 अगस्त को सरोजनी नगर स्थित हाइड्रिल चौराहे के लेबर अड्डे से संदिग्ध हालात में गायब हो गया था। राजेश के पिता राजकिशोर ने बीते 6 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट मोहनलालगंज थाने पर दर्ज कराई थी।
सीओ राजेश यादव के मुताबिक, छानबीन में पता चला कि लापता होने वाले दिन राजेश गौतम अपने दोस्त बौरी गांव सोहरामऊ निवासी राहुल के साथ गया था। पुलिस ने दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की राजेश गौतम की हत्या का मामला सामने आ गया। पूछताछ में राहुल ने बताया कि वह और गदियापुर बाराबंकी का रामनरायन यादव उर्फ शिवा आपस में दोस्त हैं। मौजूदा समय में शिवा सैनिक स्कूल के पास झोपड़ी बनाकर रहता है। तीनों मजदूरी करते थे। राजेश के पास बाइक थी। इसी बाइक को लूटने के लिए आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई थी।
बीते 31 अगस्त को राहुल, राजेश के साथ घर आया और खाना खाने के बाद दोनों बाइक से सरोजनी नगर के हाइडिल चौराहे पर पहुंचे। जहां पर शिवा पहले से ही दोनों का इंतजार कर रहा था। शिवा के मुताबिक, राजेश को मसौली बाराबंकी के अपने बहनोई पप्पू यादव के यहां ले गया। जहां शौच के बहाने गांव के बाहर दूर खेत में ले गया। जहां पर दोनों ने राजेश को गिरा दिया और राहुल ने पैर पकड़ लिया। इसके बाद शिवा ने उसका गला दबाकर हत्या करने के बाद उसकी जेब से मोबाइल व पांच सौ रुपये निकाल लिए। उसका शव को धान के खेत में फेंककर चले गए।
इसके बाद रात में ही बाइक ले जा कर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर मोटर साइकिल स्टैंड में खड़ी कर लखनऊ वापस चले गए। तीन दिन बाद बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंच कर शिवा ने बाइक अपने घर पर खड़ी कर दी थी। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफतार कर बाइक, सेल फोन बरामद कर लिया है। परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली है।
प्रतीकात्मक तस्वीर