लखनऊ. गणेशगंज निवासी लॉ स्टूडेंट गौरी की हत्या जिस आरी से हत्या किए जाने का दावा पुलिस कर रही थी, वह दो पुलिस कर्मियों ने खुद तेलीबाग की दुकान से खरीदी थी। यह बात दुकान के मालिक पंकज यादव ने मीडिया से कही थी। ऐसे में एसएसपी ने बुधवार को अपने आवास पर उससे पूछताछ की, लेकिन यहां वह अपने बयानों से मुकर गया। उसने कहा कि वह अपनी दुकान बंद कर देगा। साथ ही आरी के बारे में वह कुछ नहीं जानता है। वहीं, पंकज यादव के पुलिस के आरी खरीदने के दावे के बाद से हत्या के खुलासे पर सवालियां निशान खड़े हो रहे है।
बीते सोमवार को पंकज चावला ने यह कह कर सनसनी फैला दी थी कि पीजीआई पुलिस ने गौरी हत्याकांड के खुलासे के दिन उसकी दुकान से एक आरी खरीदी थी। इस बयान के बाद से ही पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठने शुरू हो गए थे। इस पर एसएसपी ने पूछताछ के लिए पंकज चावला को अपने आवास बुलाया। इस दौरान उससे सैकड़ों सवाल पूछ गए। डरे-सहमे पंकज ने कहा कि वह दुकान बंद कर देगा, लेकिन आरी नहीं बेचेगा।
एसएसपी ने कहा मिलान के लिए खरीदी थी आरी
गौरी हत्या कांड का खुलासा करने का दावा करने वाली लखनऊ पुलिस अब सवालों के घेरे में आ गई है। आरी पर घमासान शुरू होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सफाई दी है। वहीं, जिस दुकानदार से पुलिस ने आरी खरीदी थी, उसे आज पुलिस एसएसपी आवास पर उठा लाई। यहां उससे जमकर पूछताछ की गई। साथ ही आईपीएस अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर बुधवार को गौरी के घर गए थे। यहां वे मृतका के परिजनों से मिले। इस दौरान कुछ अन्य तथ्य भी सामने निकलकर आए हैं। इस पर उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या था मामला
गौरी हत्याकांड के खुलासे में जो पुलिस ने दावे किए हैं, उससे कोई भी संतुष्ट नहीं है। पुलिस ने खुद आरी खरीदकर हत्या का खुलासा करने का दवा किया था। साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज में भी आरी खरीदते दिखी है। मीडिया में फुटेज दिखाए जाने के बाद पुलिस पर उठ रहे सवालों पर एसएसपी ने बुधवार शाम को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इस मामले में सफाई दी। उन्होंने कहा कि आरी आरोपी हिमांशु के पास मिली थी, उससे मिलान के लिए दूसरी आरी खरीदी गई थी। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि आरोपी का जैकेट, हेलमेट और हत्या में इस्तेमाल हुए बैग भी पुलिस ने ही खरीदे थे।
हत्या में इस्तेमाल की गई आरी दिखाते डीजीपी एके जैन, (इनसेट में) आरोपी हत्यारा हिमांशु प्रजापति।