लखनऊ. लखनऊ पुलिस ने रविवार को चर्चित गौरी मर्डर केस का खुलासा कर दिया। गौरी की हत्या उसके प्रेमी हिमांशु ने ही की थी। उसे शक था कि गौरी के कई लोगों के साथ अवैध संबंध थे। इस वजह से उसने गला दबाकर हत्या की, इसके बाद आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। पुलिस ने इस मामले में हिमांशु और उसके दोस्त अनुज को गिरफ्तार किया है।
बताते चलें कि बीते 2 फरवरी को लखनऊ में गौरी का शव बोरी में बंद मिला था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, आरी, हत्यारे का जैकेट आदि सामान भी दिखाया। डीजीपी एके जैन ने बताया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी और उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करेगी।
गौरी को डेढ़ साल से जानता था हिमांशु
डीजीपी एके जैन ने बताया कि वह गौरी को लगभग डेढ़ साल से जानता था। बीते एक फरवरी को 6 बजकर 58 मिनट पर उसकी गौरी से बात हुई। उसने लाटूश रोड स्थित पीयर्स इंटरनेशनल होटल पर मिलने के लिए बुलाया था। वहां से वह गौरी को बाइक से लेकर तेलीबाग स्थित अपने घर पर गया। हिमांशु के घरवाले शादी में बाहर गए हुए थे।
गौरी के मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो देख भड़का हिमांशु घर पर पहुंचने के बाद हिमांशु ने गौरी का मोबाइल देखने के लिए मांगा। गौरी ने मोबाइल देने से मना कर दिया। बहस करने के बाद उसने जोर-जबरदस्ती कर मोबाइल ले लिया। मोबाइल में गौरी की आपत्तिजनक फोटो और क्लिपिंग देखकर वह भड़क उठा। इसी दौरान जब गौरी ने बताया कि उसकी दो युवकों से बातचीत होती है तो यह सुनते ही हिमांशु आपा खो बैठा और उसने गौरी का गला दबाकर हत्या कर दी।
शव के किए टुकड़े-टुकड़े
गौरी की हत्या के बाद हिमांशु बाजार गया। वहां उसने शराब पी और आरी, पॉलीथीन बैग आदि सामान खरीदा। इसके बाद उसने गौरी के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। ऐसा करते वक्त गौरी का खून निकलकर घर से बाहर नहीं जाए इसके लिए उसने घर से निकलने वाली नाली में गौरी के कपड़े ठूंस दिए। इसके बाद खून से सने कपड़े और शव को बैग में भर कर तीन-चार चक्कर में फेंक दिया। जांच के दौरान पुलिस ने गौरी के मोबाइल की लोकेशन तलाशी। इस दौरान पता चला कि मोबाइल आरोपी के घर से 50 मीटर के आसपास के एरिया में 20 मिनट के लिए खुला और फिर बंद हो गया था।
हिमांशु के घर खड़ी मिली सीसीटीवी में नजर आई बाइक
गौरी के मोबाइल के लोकेशन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कुछ घरों को चिह्नित किया और वहां पूछताछ शुरू की। इस दौरान एक घर में देखा गया कि वही बाइक खड़ी है, जो सीसीटीवी में नजर आई थी। बाइक पर लगे गणेश के लोगो ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। पुलिस जब घर पर पहुंची, तो आरोपी युवक बाहर आया। उसकी शारीरिक बनावट भी सीसीटीवी फुटेज में दिखे लड़के से मिल रही थी। इसके अलावा, वह मोबाइल पर मोहनलालगंज हत्याकांड की तस्वीरें देख रहा था।
मौके से मिला गौरी का मोबाइल
इसके बाद पुलिस ने हिमांशु के घर की तलाशी ली तो फुटेज में दिखी जैकेट, जूते, जींस भी मिल गई। उसके मोबाइल पर गौरी का फोटो भी लगा हुआ था। इसके अलावा, घर पर ही गौरी का मोबाइल भी बरामद हुआ। पहले तो आरोपी हिमांशु ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल लिया। उसके पिता रेलवे में फोर्थ क्लास कर्मचारी हैं।
आगे पढ़िए, हत्यारे पर लखनऊ पुलिस लगाएगी रासुका...