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PGI ने मनाया 20वां दीक्षांत समारोह, वीमेन हेल्थ इश्यूज पर हुई चर्चा

राज्यपाल राम नाईक ने बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शिरकत की। इस मौके पर राज्यपाल ने डॉ. रानी बंग को डीएससी की उपाधि दी।

Dainik Bhaskar

Sep 27, 2015, 10:04 AM IST
पीजीआई के दीक्षांत समारोह में मौजूद राज्यपाल राम नाईक। पीजीआई के दीक्षांत समारोह में मौजूद राज्यपाल राम नाईक।
लखनऊ. शनिवार को संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज (SGPGI) ने अपना 20वां दीक्षांत समारोह मानया। राज्यपाल राम नाईक ने बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शिरकत की। इस मौके पर राज्यपाल ने डॉ. रानी बंग को डीएससी की उपाधि दी। दीक्षांत समारोह में महिला स्वास्थ्य और मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की रुकावटों पर चर्चा हुई। इस दौरान डॉ. रानी बंग ने कहा, डॉक्टर का काम मानवता की सेवा करना है। इस काम को डॉक्टरों बखूबी अंजाम भी दे रहे हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों की तुलना में गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं आज भी काफी बदहाल हैं। इसमें महिलाओं में स्वास्थ्य की समस्याएं सबसे अहम हैं। समारोह में नवजातों की मौत पर भी चिंता जाहिर की गई।
डॉ. रानी बंग अपने पति अभय बंग के साथ मिलकर महाराष्ट्र के गढ़चोले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 1979 में महाराष्ट्र में प्रति मजदूर दर 3 रुपए थी, जो मजदूरों की मेहनत के अनुसार काफी कम थी। इसके लिए हम दोनों ने रिसर्च के जरिए यह बात साबित कर दी कि मजदूरी की यह दर काफी कम है, इसे कम से कम 12 रुपए प्रति मजदूर किया जाना चाहिए। भारत सरकार ने इस रिसर्च को मान्यता दी और इसके सुझावों को लागू किया, जिसे रोजगार हनी योजना का नाम दिया गया।
किशोरियों की सेहत पर दिया जाए खास ध्यान
उन्होंने बताया कि कुछ सालों पहले भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सिर्फ डिलीवरी, बच्चों की देखभाल और फैमिली प्लानिंग ही शामिल था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति काफी खराब थी। इसके लिए हमने रिसर्च किया और यह बात सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म लेने वाली बच्चियों की सेहत का किशोरावस्था से ही खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यही किशोरियां आगे चल कर मां बनेंगी। इस रिसर्च को भी सरकार ने मान्यता दी और अब स्वास्थ्य सेवाओं में किशोरियों को भी विशेष स्थान दिया गया।
रिप्रोडेक्टिव हेल्थ प्रोग्राम को करें लागू
इस मौके पर डॉ. अभय बंग ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होने के कारण ज्यादातर बच्चे एक साल के अंदर दम तोड़ देते हैं। इसका मुख्‍य कारण प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सही खाना-पीना न मिलना है। इसके लिए हमने रिप्रोडेक्टिव हेल्थ जैसे रिसर्च को बढ़ावा देना होगा। बाल स्वास्थ्य का विकास करना ही अब जीवन का लक्ष्य है, जिसमें शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारा प्रयास है।
निमोनिया से होती है 30 फीसदी बच्चों की मौत
उन्होंने बताया कि भारत में 30 प्रतिशत बच्चों की मौत निमोनिया से होती है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर ही इसे दूर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हमारे लगभग 400 स्त्री आरोग्य दूत काम कर रहे हैं, जो महाराष्ट्र में महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखिए, संबंधित फोटोज:
Governor ram naik join convocation of SGPGI in lucknow
Governor ram naik join convocation of SGPGI in lucknow
Governor ram naik join convocation of SGPGI in lucknow
Governor ram naik join convocation of SGPGI in lucknow
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पीजीआई के दीक्षांत समारोह में मौजूद राज्यपाल राम नाईक।पीजीआई के दीक्षांत समारोह में मौजूद राज्यपाल राम नाईक।
Governor ram naik join convocation of SGPGI in lucknow
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