फोटो: कार्यशाला का उद्घाटन करते राज्यपाल राम नाइक।
लखनऊ. राज्यपाल राम नाइक ने शुक्रवार को कहा कि डॉक्टरी पेशे से जुड़े डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स को चाहिए कि वे कैंसर पर नियंत्रण पाने के लिए सस्ता और असरदार इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें। कैंसर पर विजय पाने के साथ-साथ रोगी और उसके परिवार को विश्वास दिलाना डॉक्टर का काम है। विश्वास और इच्छा शक्ति बढ़ाने से दवा ज्यादा कारगर होती है। उन्होंने उक्त बातें एसजीपीजीआई में आयोजित हिमोटो आंकोलॉजी प्रैक्टिस एक्सिलेंस कार्यशाला के उद्घाटन के दौरान कही।
बताते चलें कि राज्यपाल राम नाइक इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और फैकल्टी मेंबरों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा चिकित्सक शोध को आगे ले जाएं ताकि मरीजों में विश्वास पैदा हो कि वे जल्द ठीक हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 20 वर्ष पहले वे स्वयं भी कैंसर रोग से पीड़ित थे। हालांकि, चिकित्सकों की उचित देखरेख और विश्वास दिलाने से वे शीघ्र ही ठीक हो गए।
लाइलाज नहीं है कैंसर
राज्यपाल ने कहा कि कैंसर से संबंधित कार्यक्रम में वे स्वयं इसलिए जाते हैं ताकि कैंसर पीड़ित लोगों का विश्वास बढ़े कि यह रोग लाइलाज नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कई स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा
मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन से कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान की दृष्टि से एक-दूसरे को बताने के लिए आयोजन का विषय महत्वपूर्ण है।
संस्थान के इतिहास को कायम रखें चिकित्सक
उन्होंने कहा कि एसजीपीजाआई का बहुत गौरवशाली इतिहास रहा है, इसलिए यहां के चिकित्सक संस्थान के अतीत को ध्यान में रखकर काम करें। उत्कृष्ट प्रयासों से संस्थान की कीर्ति बढ़ेगी, ऐसा उनका विश्वास है। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने कार्यशाला में आए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, डॉ. सोनिया नित्यानंद ने संगोष्ठी के विषय का संक्षिप्त परिचय दिया।
आगे देखिए कार्यशाला के उद्घाटन की अन्य तस्वीरें…