लखनऊ. बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपाल सम्मेलन में भाग लेने के लिए राज्यपाल रामनाइक पहुंचे। सम्मेलन के दौरान रामनाइक ने राष्ट्रपति डॉ. प्रणव मुखर्जी के समक्ष राज्य के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, साइबर क्राइम, स्वच्छ गंगा अभियान, रोजगार, उच्च शिक्षा और कृषि के विकास पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी। सम्मेलन में पीएम
नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल रामनाइक ने कहा कि महात्मा गांधी के जन्मदिवस की 150वीं वर्षगांठ तक निर्मल भारत के निर्माण के तहत गंगा और अन्य नदियों को प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छ बनाने की जरूरत है। नदियों में शव प्रवाहित करने की प्रथा को रोकने के लिये समाज को विश्वास में लेकर प्रयास करने होंगे। राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के कार्यकाल और उम्र को लेकर एकरूपता लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ नेपाल की सीमा लगभग 1700 किलोमीटर है। इसका लगभग एक तिहाई हिस्सा 556 किलोमीटर राज्य के 7 जिलों से लगा हुआ है। दोनों देशों के बीच किसी वीजा-पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। इसलिए परिस्थिति का लाभ उठाकर विभिन्न प्रकार की राष्ट्रविरोधी और अवैधानिक गतिविधियां, विदेशी सामानों की तस्करी, शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ की अवैध आपूर्ति, जाली नोटों की तस्करी आदि की संभावनाएं बनी रहती हैं। इस संबंध में भारत सरकार के माध्यम से नेपाल सरकार से अनुरोध कर बाढ़-प्राकृतिक आपदा के चलते सीमा क्षेत्र में जहां- जहां पिलर्स विलुप्त हो गए हो, उनका सर्वे कराकर पुनर्निर्माण कराए जाने की जरूरत है।
वीमेन पॉवर हेल्प लाइन की तर्ज पर कदम उठाने की जरूरत
सम्मेलन में राज्यपाल ने राज्य में बढ़ रही साइबर क्राइम और महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इनपर नियंत्रण के लिये पुलिस को संवेदनशील बनाना जरूरी है। इससे वे इन अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन अपराधों से संबंधित मामलों को जल्दी से जल्दी संबंधित कोर्ट में पेश कर अपराधियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। महिलाओं के खिलाफ हो रहे क्राइम को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने वीमेन पॉवर लाइन 1090 जैसी हेल्पलाइन की शुरुआत की है।
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