लखनऊ. 10 साल पहले शहर में इलाज कराने आई युवती से अपने ही गेस्ट हाउस में रेप करने वाले मालिक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 41 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका है। इसमें से दो तिहाई रकम पीडि़ता को दी जाएगी।
सरकारी वकील के मुताबिक, बीते 20 जून 2005 को पीडि़ता युवती अपने पेट का इलाज कराने राजधानी आई थी। वह चारबाग से पराग दूध डेयरी के पास रहने वाले अपने भाई के पास गई। यहां पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके भाई ने कमरा बदल दिया था। इसके बाद वह सिविल अस्पताल गई। यहां पर पहुंचने तक अस्पताल भी बंद हो चुका था। इस पर पीडि़ता ने रिक्शा किया और उससे किसी गेस्ट हाउस चलने के लिए कहा।
वह रिक्शावाला उसे हुसैनगंज के रेवा गेस्ट हउस ले गया। वहां उसे तीसरी मंजिल पर कमरा मिला। रात में करीब आठ बजे गेस्ट हाउस का मालिक अनूप कुमार चौरसिया जबरदस्ती कमरे में घुस आया और उसके साथ रेप किया। इस दौरान पीडिता के विरोध करने पर मालिक ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसे काफी चोटें आईं। बाद में पीडि़ता ने हुसैनगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई। इसके बाद मामला कोर्ट में गया और बुधवार को करीब 10 साल बाद रेप पीडि़ता को न्याय मिला।
प्रतीकात्मक तस्वीर।