लखनऊ. रविवार को पुलिस ने गौरी मर्डर केस के बाद आलमबाग निवासी दवा व्यापारी के बेटे हर्ष की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, उसकी हत्या संपत्ति के लालच में की गई थी। ममेरे भाई ने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। मृतक के दोस्त सुजीत ने पूछताछ के दौरान इसका खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हर्ष हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
बताते चलें कि 16 साल के हर्ष की अपहरण के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद में उसके दोस्त सुजीत के घर से बरामद हुआ था। मृतक पिछले तीन दिन से लापता था। परिजनों का कहना था कि एक करोड़ की फिरौती नहीं देने की वजह से उसकी हत्या की गई है।
नवीं के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
आलमबाग निवासी दवा व्यापारी सदानंद मंगलानी की राम नगर में एसएसडी मेडिकल नाम से मेडिकल स्टोर है। उनका बेटा हर्ष आलमबाग के ही एक प्राइवेट स्कूल में नवीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दिनभर वह दोस्तों के साथ मटरगस्ती करता। शाम को तीन-चार घंटे के लिए पिता की मेडिकल शॉप में बैठता था। सोमवार को दोपहर बाद वह घर से निकला था, लेकिन उसके बाद नहीं लौटा। परिजनों को लगा कि वह पिता के पास दुकान में ही रूक गया होगा।
मोहल्ले के लड़के के साथ देखा गया था हर्ष
रात करीब आठ बजे जब पिता सदानंद घर पहुंचे, तो उनकी पत्नी सुशीला देवी ने हर्ष के घर नहीं लौटने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने परिजनों के साथ मिलकर बेटे की खोजबीन शुरू की। इस बीच हर्ष को आखिरी बार मोहल्ले में ही रहने वाले सुजीत के साथ देखे जाने की बात सामने आई। ऐसे में घरवाले उससे पूछताछ करने पहुंच गए। परिवार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें बैरंग लौटा दिया। बाद में दबाव बढ़ने पर रिपोर्ट दर्ज की।
आगे पढ़िए, अपनी मर्जी से सुजीत के घर रुका था हर्ष...