फोटो: कार्यक्रम में राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल।
लखनऊ. प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल गुरुवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में विश्वेशरैय्या सभागार में पहुंचे। यह कार्यक्रम यूपी फार्मेसी काउंसिल द्वारा आयोजित किया गया था। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों के बीच केंद्र सरकार अड़ंगा डाल रही है। जो भी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा रहे हैं, उसमें सरकार पेंच फंसा दे रही है।
राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की अड़ंगेबाजी से ही प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाएं सही से लागू नहीं हो पा रही हैं। केंद्र सरकार ने यूपी के स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का बजट रोक लिया है। साथ ही एनआरएचएम के तहत 108 एंबुलेंस सेवा का बजट सिर्फ इसलिए रोक दिया क्योंकि उस पर समाजवादी एम्बुलेंस सेवा लिखा गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिमाग है तो फार्मासिस्ट हाथ है। पीएचसी, सीएचसी में जहां डॉक्टर नहीं पहुंच पाते है वहां फार्मासिस्ट ही दवा देते हैं और मरीजों की बीमारियां दूर करते हैं।
पूरी होगी फार्मासिस्ट संघ की मांग
राज्य मंत्री ने कहा कि यूपीडीपीएल नादरगंज में स्थित है। यहां गुणवत्ता परख दवाइयां बनती है। पिछली सरकार ने इसे भी बंद करा दिया गया था, लेकिन अब यह अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट संघ की मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन यूपी फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन डा. सुनील यादव ने किया।
दवा की खरीद फरोख्त होगी ऑन लाइन
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने कहा कि दवा की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता की जरूरत है। इसके लिए एक अक्टूबर से ऑनलाइन सिस्टम किया जा रहा है। इसके माध्यम से दवा किस अस्पताल में कितनी है, कहां खत्म हुई है, यह सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अक्सर यह आरोप लगता है कि फार्मासिस्ट दवा का गलत प्रयोग करते हैं या एक्सपायरी दवा देते हैं, यह सारी गलतफहमी ऑनलाइन सिस्टम से दूर हो जाएंगी।
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