dainikbhaskar.com आपको देश की आजादी में अपनी जान देने वाले फ्रीडम फाइटर के बारे में बताने जा रहा है...
बिस्मिल, आजाद, भगत सिंह को भी नहीं मिला सम्मान
देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने वाले चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, राजगुरु, अशफाक उल्ला खां और भगत सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इसके बावजूद देश की सरकार 67 सालों तक बेखबर रही। इन वीर सपूतों को आज तक हक का सम्मान नहीं दिया गया है। यही नहीं सपा सुप्रीमो के राजनीतिक गुरु और प्रख्यात समाजवादी डॉ. राम मनोहर लोहिया का नाम भी उनके गृह जिले अंबेडकरनगर में फ्रीडम फाइटर की लिस्ट से गायब है।
मुलायम को विधायक बनाने वाले कैप्टन अब्बास का नाम भी गायब
आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के साथ कंधे से कंधा मिलाने वाले आजाद हिंद फौज के कैप्टन अब्बास अली का नाम भी फ्रीडम फाइटर की लिस्ट से गायब है। वे अलीगढ़ के रहने वाले थे। इस जिले की लिस्ट में भी उनका नाम शामिल नहीं है। कैप्टन अब्बास अली बेग ने जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में 1948 में सोशलिस्ट पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसी पार्टी की टिकट पर सपा सुप्रीमो
मुलायम सिंह यादव ने 1967 में पहली बार चुनाव लड़ा था और विधायक बने थे। यह टिकट उन्हें कैप्टन अब्बास के कहने पर ही मिला था। बीते साल कैप्टन अब्बास का अलीगढ़ में निधन हो गया।
सरकार के दावों की खुली पोल
इस मामले में जब हाईकोर्ट ने भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में आज तक कोई सरकारी गजट जारी नहीं हुआ है। परिषद के डायरेक्टर राजेश कुमार ने कोर्ट को बताया कि फ्रीडम फाइटर के परिजनों के पास संबंधित गजट की कोई अटेस्टेड कॉपी नहीं है। ऐसे में अभी तक इन्हें फ्रीडम फाइटर का दर्जा नहीं दिया जा सका है। वहीं, इस जवाब ने देश में शहीदों और आजादी के दीवानों को सम्मान दिए जाने के सरकारी वादों और दावों की पोल खोल दी है।
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