लखनऊ. पितृपक्ष खत्म होने के साथ ही दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दुर्गा पूजा के लिए बनाए जा रहे पंडालों के संबंध में अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने पूजा कमिटी द्वारा पंडालों की जगह के लिए दायर की गई याचिका पर 25 सितंबर से पहले निपटारा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट का कहना है कि 25 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार के संबंधित अफसर इन याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला लें, ताकि कमिटियों को पूजा संबंधी इंतजाम करने में कोई दिक्कत न हो।
यह आदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. धनंजय चंद्रचुड़ और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने दी। सूबे की छह दुर्गा पूजा कमिटियों ने इस संबंध में याचिका दायर की थी। इसमें 25 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा के आयोजकों को पंडाल बनाने की इजाजत दिए जाने का आग्रह किया गया था। उनका कहना था कि दुर्गा पूजा के पंडाल बनाने के लिए अर्जी दाखिल की थी, लेकिन संबंधित अफसर इनपर गौर नहीं कर रहे। इसके बाद हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया।
कोर्ट ने अफसरों को निर्देश दिया कि इन अर्जियों पर हर हाल में 25 सितंबर से फैसला लिया जाए। इससे पहले कोर्ट ने हर जिले के कलक्टर और डीएम को अपने-अपने क्षेत्र के हालातों और तथ्यों का मूल्यांकन करने को कहा है। इसके अलावा दुर्गापूजा की इजाजत दिए जाने पर विसर्जन जुलूस निकालने के रूट संबंधी गुजारिश को लेकर अफसरों को फैसला लेने की छुट दे दी गई है। ऐसे में वे कानून और ट्रैफिक-व्यवस्था को ध्यान में रखकर रूट प्लान कर सकेंगे।
प्रतीकात्मक तस्वीर।