लखनऊ. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह का मानना है कि पहली से 5वीं क्लास तक की पढ़ाई मातृभाषा में होनी चाहिए। वह चाहे हिंदी हो या फिर उर्दू या पंजाबी गुजराती या तमिल ही क्यों न हो। अंग्रेजी की पढ़ाई को क्लास 6 से कराना चाहिए। बच्चा अपने मूल संस्कारों से मजबूती से जुड़ सके और मजबूत होने के बाद अन्य जानकारियों का भी महारथी बने।
राजनाथ सिंह शनिवार को मोहनलालगंज के अतरौली गांव में स्थित बलराम कृष्ण एकेडमी का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज उनके बच्चे 'हैलो डैड' और 'हाय मॉम' के कल्चर में ढलते जा रहे हैं। इसकी वजह से देश की नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने अपील की कि टीचर और पेरेंट्स दोनों ही अपने बच्चों को सुबह माता-पिता और गुरु के पैर छूने की परंपरा सिखाएं। जितना देश का युवा सांस्कृतिक रूप से मजबूत होगा, उतना ही देश आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि देश की शिक्षानीति में काफी सुधार की जरुरत है। हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा होगा, तभी देश आगे बढ़ सकेगा। ग्रामीण इलाके में एकेडमी खोलने के लिए प्रोफेसर अनिल शुक्ला को बधाई दी। अक्सर बड़ी संस्थाओं और बड़े शहरों में बुलाया जाता है। उनका आज भी गांव से जुड़ाव है, लेकिन व्यस्तता के कारण वे जा नहीं पाते हैं। वे आज भी अपनी जड़ों से नहीं कटा हूं।
उन्होंने कहा कि उन्हें जब कभी भी ग्रामीण इलाके में कार्यक्रम में जाने का मौका मिलता है, तो जरूर जाते हैं। आजादी के 68 साल बाद भी बड़ी संख्या में लोग अशिक्षित हैं। हालात ये हैं कि क्लास 8 की बच्चे क्लास 3 के सवालों का जवाब नहीं दे पाते। आजादी के बाद से आज तक शिक्षा के सुधार को लेकर गंभीर प्रयास नहीं हुए। सरकारें हमेशा हकीकत से आंखें मुंदे रही। यदि हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा और स्किल्ड हो जाए तो भारत आगे बढ़ पाएगा। उनके साथ लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा, मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर, विशायक सुरेश तिवारी, भाजपा नेता जयपाल सिंह सहित कई अन्य नेता मौजूद थे।
फोटो: राजनाथ सिंह।