लखनऊ. वैलेंटाइन-डे से दो हफ्ते पहले गौरी की बेवफाई पर हिमांशु ने उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इस प्यार की शुरुआत डेढ़ साल पहले हिमांशु ने सेल्समैन बनकर गौरी के घर में घुसकर की थी। अब लोगों के जहन में यही सवाल है कि आखिर इतना प्यार करने वाला प्रेमी कैसे दरिंदा बन गया?
राजधानी के गौरी मर्डर केस ने एक बार फिर प्यार की परिभाषा को कलंकित किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए हत्यारे प्रेमी हिमांशु ने कबूल किया है कि वह गौरी को पिछले डेढ़ साल से जानता था और उससे प्यार करता था। वहीं, गौरी उसको ज्यादा भाव नहीं देती थी। इसके बावजूद वह उससे बातचीत किया करता था।
फेसबुक के जरिए गौरी के संपर्क में आया था हिमांशु
सूत्रों की माने तो हिमांशु ने फेसबुक पर गौरी से दोस्ती की थी। गौरी की प्रोफाइल देख हिमांशु ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे गौरी ने एक्सेप्ट कर लिया था। इसके बाद में फेसबुक पर धीरे-धीरे दोनों में बातचीत भी शुरु हो गई थी। काफी कोशिशों के बाद हिमांशु ने गौरी का नंबर ले लिया था।
कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी दोनों की दोस्ती
पुलिस सूत्रों की माने तो हिमांशु के दोस्त शशांक की पहले से ही गौरी से फेसबुक पर दोस्ती थी। उसी के जरिए गौरी और हिमांशु में फेसबुक पर दोस्ती हुई। दरअसल, शशांक ने जब गौरी में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं दिखाया तो शशांक के जरिए हिमांशु ने गौरी से दोस्ती की।
आगे पढ़िए हिमांशु व्हाट्सऐप पर करता था ज्यादा बात...