लखनऊ. गौरी हत्याकांड में पुलिस की कहानी में कई झोल हैं। ऐसे में dainikbhaskar.com ने इस हत्याकांड की आईजी अमिताभ ठाकुर के साथ पड़ताल की। इस दौरान कई कमियां निकल कर सामने आई। यही नहीं आईजी अमिताभ ठाकुर ने तो घटनास्थल को ही संदिग्ध बता दिया है।
दरअसल, गौरी हत्याकांड में dainikbhaskar.com की पहल पर आईजी अमिताभ ठाकुर ने अपने स्तर से मामले की पड़ताल की। इसमें उन्होंने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही नहीं आईजी अमिताभ ठाकुर ने तो घटनास्थल को ही संदिग्ध बता दिया है। आईजी अमिताभ ठाकुर गौरी के घर भी गए, वहां उन्होंने मृतक गौरी के परिजनों से बातचीत की। उन्होंने घटनास्थल का भी दौरा किया। उन्होंने मुख्य आरोपी हिमांशु प्रजापति की बहन से भी मुलाकात की। इसके बाद उस दुकान पर भी गए जहां से हिमांशु द्वारा गौरी के टुकड़े करने के लिए आरी खरीदना बताया जा रहा है।
मिली कई कमियां
आईजी अमिताभ ठाकुर का कहना है कि शुरू से अंत तक पुलिस की कहानी में कई कमियां मिली हैं। उन्होंने इस केस में पुलिस की विवेचना पर प्रश्न चिन्ह लगाया है और कहा कि इस मामले में बरती गई लापरवाही के बाबत डीजीपी को पत्र लिखकर अवगत भी कराएंगे।
गौरी घर से बिना बताए क्यों निकली
पुलिस ने अपनी तफ्तीश और आरोपी हिमांशु के बयान के आधार पर गौरी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया था कि गौरी और हिमांशु का प्रेम प्रसंग चल रहा था। साथ ही दोनों लगभग डेढ़ साल से एक दूसरे से परिचित भी थे। पुलिस का कहना है कि एक फरवरी को व्हाट्सएप पर बातचीत के बाद गौरी घर से पिता की जैकेट ड्राई क्लीनर में देने के लिए निकली और फिर हिमांशु के साथ बाइक पर बैठकर निकल गई। हिमांशु के साथ बाइक पर बैठकर जाने की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज में भी हो रही है, लेकिन कई सवाल भी अनसुलझे हैं, जिनका जवाब पुलिस नहीं दे पाई है।
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