लखनऊ. नए सत्र के तहत जनवरी महीने में प्रवेश ले चुके दुरस्थ शिक्षा के छात्रों को इग्नू की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए रविवार को नेशनल पीजी कॉलेज में परिचय सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में जुटे 1700 छात्रों को दीक्षारंभ (पढ़ाई) से लेकर दीक्षांत तक की पूरी जानकारी कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने दी। कॉलेज के सभागार में आयोजित दो परिचय सत्र के तहत इग्नू के लखनऊ स्थित 15 अध्ययन केंद्रों के नए छात्रों सहित को-ऑर्डिनेटर शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि ज्ञानार्जन और दक्षता हासिल करने में आयु की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। हर व्यक्ति को अपने कौशल विकास कें लिए जीवनपर्यंत सतत शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इग्नू द्वारा उच्च शिक्षा के प्रसार में किए जा रहे प्रयासों को सराहते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि आज गुणवत्तायुक्त शिक्षा की आवश्यकता है, जो व्यक्ति में कौशल का विकास कर सके और उसे रोजगार के नए अवसर मिल सके।
एकलव्य का अनुकरण कर बढें आगे
तकनीकी सत्रों में क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारियों ने छात्रों को दूरस्थ शिक्षा के आयामों से अवगत कराया। सहायक क्षेत्रीय निदेशक अंशुमान उपाध्याय ने छात्रों को इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और अध्ययन केंद्र पर प्रदत्त विद्यार्थी सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। स्वाध्याय के तकनीकों और पाठ्य सामग्री अध्ययन के पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को अपने अंदर दूरस्थ शिक्षा के प्रथम छात्र महान एकलव्य का अनुकरण करते हुए सर्वोच्चता के शिखर पर पहुंचने का प्रयास करना चाहिए।
तकनीकी सत्र में छात्रों को मिले टिप्स
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को इग्नू द्वारा आयोजित परामर्श कक्षाओं के बारे में बताते हुए प्रोजेक्ट, प्रयोगात्मक विषयों और पाठ्य सामग्री वितरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संपूर्ण जानकारी दी। डॉ. अनामिका सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय निदेशक ने छात्रों को परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन पद्धति और इग्नू द्वारा परीक्षा के बाद प्रदान की जा रही सुविधाएं के बारे में बताया।
इस दौरान उन्होंने छात्रों को पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति प्राप्त करने के प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। समस्त अधिकारियों ने इग्नू की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारियों और सुविधाओं को सजग रूप से छात्रों को दर्शाया, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को इग्नू वेबसाइट का उपयोग करने में कोई कठिनाई न हो।
आगे पढ़िए इग्नू युवाओं को साक्षर और रोजगारपरक बनाने के लिए है कृत संकल्प…