लखनऊ. राज्य सूचना आयुक्त अरविंद विष्ट ने बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी पर 25000 रुपए का दंड स्वरूप जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई जन सूचना अधिनियम 2005 के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराने के आरोप में लगाया गया है। इस आदेश में मुख्य कोषाधिकारी लखनऊ को निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि डॉ. विजयलक्ष्मी के वेतन से काटा जाए।
दो साल पहले हाईकोर्ट में प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ता राजकरन सिंह ने 29 मई 2012 को स्वास्थ्य महानिदेशक से जन सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी थी। इसमें वादी की तरफ से प्रयोगशाला प्राविधिक लैब टेक्नीशियन के स्थानांतरण के संदर्भ में थी। दो साल पहले सूचना मांगने के बावजूद बार-बार वादी को परेशान करने और आयोग को सूचना देने में स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से हीला-हवाली की जा रही थी।
25000 रुपए का लगाया अर्थदंड
कोर्ट में तीन नवंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त अरविंद विष्ट ने स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी पर 25000 रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही आयुक्त की तरफ से वरिष्ठ कोषाधिकारी लखनऊ को आदेश देते हुए कहा कि अर्थदंड का राशि स्वास्थ्य महानिदेशक के वेतन से काटी जाए। सूचना आयुक्त ने अपने आदेश में प्रमुख सचिव अरविंद कुमार को भी निर्देश दिया है कि अर्थदंड की राशि वसूल करा कर आयोग को सूचना दें।
स्थानांतरण में हेर फेर की शिकायत पर मांगी थी सूचना
सूचना मांगने वाले अधिवक्ता राजकरन सिंह ने बताया कि दो साल पहले प्रयोगशाला लैब टेक्नीशियन के स्थानांतरण के संदर्भ में हेर फेर किए जाने को देखते हुए उन्होंने जानकारी मांगी थी। लेकिन जानकारी देने के जगह विभाग की तरफ से दौड़ाया जा रहा था।
स्वास्थ्य भवन की फाइल फोटो