लखनऊ. सिटी मोंटेसरी स्कूल (सीएमएस) में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के फेस्टिवल लोगो और फेस्टिवल पोस्टर का अनावरण रविवार को किया गया। एक भव्य समारोह में यूनाइटेड नेशंस इंफॉर्मेशन सेंटर की निदेशिका किरन मेहरा करपेलमन ने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह बाल फिल्मोत्सव लखनऊ के बच्चों और अभिभावकों के लिए विभिन्न देशों की संस्कृति से रूबरू होने का अच्छा अवसर है।
रविवार को सीएमएस आशियाना में अंतरराष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव के लोगो और पोस्टर का अनावरण किया गया। सीएमएस के फिल्म्स डिवीजन द्वारा लखनऊ में लगातार सातवीं बार 7 से 15 अप्रैल तक सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। इस नौ दिवसीय फिल्मोत्सव में 80 देशों की बेहतरीन शैक्षिक बाल फिल्में निःशुल्क प्रदर्शित की जाएंगी। इस दौरान संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी ने कहा कि यह फिल्म फेस्टिवल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं है बल्कि यह शिक्षा का एक अभिन्न अंग है।
ऑडियो-विजुअल माध्यम बच्चों को जीवन मूल्यों की शिक्षा
डॉ. जगदीश गांधी ने बताया कि ऑडियो-विजुअल माध्यम बच्चों को जीवन मूल्यों की शिक्षा देने का बड़ा ही सीधा और सरल तरीका है। इसका बच्चों के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि सीएमएस ने हिंसा और अश्लीलता से भरपूर गंदी फिल्मों के स्थान पर अच्छी फिल्में फ्री दिखाने का साहसिक बीड़ा उठाया है।
प्रत्येक दिन आयोजित होंगे दो शो
आईसीएफएफ-15 के फेस्टिवल डायरेक्टर वी. कुरियन ने बताया कि अब तक दुनिया भर के 80 देशों की 1020 बेहतरीन बाल फिल्में आ चुकी हैं। अभी कई अन्य देशों की बाल फिल्में आना शेष हैं। उन्होंने बताया कि कई श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्मों को चयनित कर 10 लाख रुपए के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इस बाल फिल्मोत्सव में रोज दो शो आयोजित किए जाएंगे। यह फिल्में सीएमएस कानपुर रोड के मेन ऑडिटोरियम के अलावा 6 अन्य मिनीऑडिटोरियम में एकसाथ दिखाई जाएंगी।
फोटो: इंटरनेशनल बाल फिल्म महोत्सव के लोगो अौर पोस्टर का अनावरण करते डॉ. जगदीश गांधी।