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आई टी सिटी को अदालत से हरी झंडी, अदालत ने आईटी सिटी के निर्माण पर लगी रोक आगे नहीं बढाई

8 वर्ष पहले
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लखनऊ। उत्तरप्रदेश की अखिलेश सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से एक बड़ी राहत मिली है। लखनऊ के करीब चक गंजरिया फार्म में 25 एकड़ ज़मीन पर आईटी पार्क खोलने की अखिलेश सरकार की मंशा अब जल्द ही परवान चढ़ सकती है। चक गंजरिया फार्म में आईटी पार्क बनाने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी लेकिन अब ये रोक हटा दी गई है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चक गंजरिया फार्म में आईटी सिटी बनाने पर अपनी ओर से लगाई रोक हटा ली। अदालत के इस फैसले से अखिलेश यादव सरकार के एक और चुनावी वादे के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है।

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इसके पहले चकगंजरिया फार्म में आईटी सिटी, बडा कैंसर अस्पताल, उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी तथा डेयरी फार्म एवं आवासीय कॉलोनी बनाने पर रोक लगा दी थी... वी द पीपुल संस्था की ओर से दायर की गई जनहित याचिका में दावा किया गया था कि चकगंजरिया फार्म पर आईटी पार्क बनने से हजारों पेड काटे जाएंगे जिससे पर्यावरण को नुकसान होगा।

चक गंजरिया फार्म में भारी तादाद में विशेष नस्ल की गायों, हिरणों और मोर के रहने की बात कही गयी थी, याचिका में दावा किया गया था कि आईटी सिटी बनने के चलते जानवरों को बाराबंकी स्थानांतरित करने और उनके बीमार होने की आशंका भी जताई गयी थी। बहरहाल, अदालत द्वारा आईटी सिटी बनाने पर लगी रोक हटने से अखिलेश सरकार अपने महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के लिए अब संजीदा कदम उठा सकती है।