लखनऊ. यूपी में 2017 में होने वाले असेंबली इलेक्शन के लिए जेडीयू और आरएलडी मिलकर एक नई पार्टी बनाने जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरएलडी चीफ अजित सिंह के बेटे और पार्टी के नेशनल सेक्रेटरी जयंत चौधरी ने इस खबर को कन्फर्म किया है। अलायंस के बाद नई पार्टी के नाम और इलेक्शन सिंबल का एलान किया जाएगा। छोटी पार्टियों को भी शामिल करने की कोशिश...
- जयंत के मुताबिक, "अलायंस के लिए पीस पार्टी और महान दल जैसी छोटी पार्टियों से भी कॉन्टैक्ट किया गया था। अपना दल के कृष्णा पटेल ने भी हमारे साथ आने की इच्छा जताई है।"
- "जेडीयू-आरएलडी के एक होने की प्रॉसेस अलायंस के ऑफिशियल अनाउंसमेंट के बाद शुरू होगी।"
- बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के अलायंस में सपा को शामिल नहीं किया जाएगा।
- हालांकि, जेडीयू ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है।
किसने की थी अलायंस की पहल?
- सूत्रों की मानें, तो अलायंस को लेकर पहल बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने की थी।
- नीतीश नेशनल लेवल पर कोई फ्रंट बनाने से पहले यूपी में अपनी राजनीतिक हैसियत का आकलन करना चाहते हैं।
- 13 फरवरी को विधानसभा की तीन सीटों मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के देवबंद और फैजाबाद के बीकापुर में बाई-इलेक्शन हुए थे। इसमें नीतीश ने आरएलडी को सपोर्ट किया था।
क्या हो सकती है अलायंस की वजह?
- दोनों पार्टियों के नेताओं का भी ये मानना है कि ओबीसी वोटरों को खींचने के लिए एक साथ आना होगा।
- चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में नीतीश कुमार और शरद यादव समेत दोनों पार्टियों के नेता काम कर चुके हैं।
- ऐसे में, दोनों को साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- यही नहीं, दोनों पार्टियां यूपी में कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों से गठजोड़ की संभावनाएं भी तलाश रही हैं।
बिहार इलेक्शन में क्यों अलग हो गए मुलायम?
- बिहार असेंबली इलेक्शन-2015 के पहले सपा महागठबंधन से अलग हो गई थी।
- इसके पीछे मुलायम ने सीटों के बंटवारे और बाद में कांग्रेस को शामिल करने को वजह बताया था।
- मुलायम ने कहा था, "महागठबंधन से अलग होने की वजह कांग्रेस थी। कांग्रेस को मुझे बिना बताए ही महागठबंधन में शामिल कर लिया गया था। इस मामले में मुझे धोखे में रखा गया। इस वजह से सपा अलग हो गई।"
- "कांग्रेस से कैसा गठजोड़? उसकी नीतियों के खिलाफ ही तो हमारी पार्टी हमेशा से लड़ती रही है।"
सपा ने कहा- अगली सरकार हमारी होगी
- जेडीयू और आरएलडी के अलायंस की खबरों पर सपा स्पोक्सपर्सन राजेंद्र चौधरी ने बताया, "इसका कोई असर नहीं होगा।"
- "चाहे एक हो या दस, कोई भी दल कामयाब नहीं होगा। जनता का साथ और विश्वास अखिलेश के साथ है।"
- "हमारा सीधा गठबंधन तो जनता से है, इसलिए अगली सरकार हमारी ही होगी।"
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