अलीगढ़. अलीगढ़ के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज की पत्नी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर को लेटर लिखकर अपने पति की शिकायत की है। इस शिकायत में उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों पर हैरेसमेंट का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पति मुहम्मद जहीरुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें तलाक दे दिया है। एडीजे की पत्नी ने कहा, मेरे साथ नाइंसाफी हुई...
- मुहम्मद जहीरुद्दीन सिद्दीकी (59) अलीगढ़ के एडीजे हैं। उन्होंने पत्नी अफ्शा खान को तीन बार तलाक कह दिया।
- इससे नाराज अफ्शा ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लेटर लिखा है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी एक चिट्ठी लिखी गई है।
- उन्होंने लिखा, "मेरे साथ इनजस्टिस हुआ। ये इनजस्टिस एक ऐसे इंसान ने किया है, जिस पर लोगों को जस्टिस देने की रिस्पॉन्सिबिलिटी है।"
तीन तलाक पर हो चुका है विवाद
- तीन बार तलाक बोलने को लेकर काफी विवाद हो चुका है। कुछ मुस्लिम संगठनों ने सुझाव दिया था कि मौखिक तलाक दिए जाने की सूरत में तलाक पक्का करने से पहले तीन महीने का नोटिस दिया जाना जाहिए।
- उनके मुताबिक, तीन बार तलाक कहकर शादी को खत्म कर देना एक क्राइम है।
- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि तीन बार तलाक कहकर शादी तोड़ने के रिवाज को खत्म नहीं किया जा सकता है।
क्या कहते हैं एडीजे?
इस बारे में पूछने पर एडीजे मुहम्मद जहीरुद्दीन सिद्दीकी ने बताया, "हम दोनों ने काफी कोशिश की। हम समझौता नहीं कर सके। इसलिए मैंने शरीयत के आधार पर बीवी को तलाक दे दिया।"
क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
- इस मामले में सोशल एक्टिविस्ट मारिया आलम उमर ने बताया, "एक जज खुद ही गैरकानूनी तरीके से अपनी पत्नी को तलाक दे देता है।"
- "ये पूरा मामला सामने लाने की जरूरत है। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि अफ्शा को उसका पूरा हक मिले और वो अपने घर लौट सकें।"
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