लखनऊ. प्रदेश सरकार गरीबों के इलाज से लेकर मेडि़कल की पढ़ाई के विस्तार के लिए प्रयासरत है। इस कड़ी में बदायूं में मेडि़कल कॉलेज खुल रहा है। वहीं, अगले महीने जौनपुर में भी मेडि़कल कॉलेज की आधारशिला रखी जाएगी। यह जानकारी गुरुवार को किंग जॉर्ज मेडि़कल कॉलेज (केजीएमयू) में एक कार्यक्रम के सिलसिले में भाग लेने आए सीएम अखिलेश यादव ने दी।
सीएम ने कहा कि सर्वेक्षण से पता चला है कि लोगों को सबसे अधिक कैंसर, हृदय रोग और गुर्दे जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों से जूझना पड़ता है। इसके समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने राजकीय अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बड़ी बीमारियों के फ्री में इलाज की व्यवस्था की है। इसके अलावा विधायकों को भी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरतमंदों को 25 लाख रुपए तक आर्थिक मदद देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कैंसर का इलाज नगर के कई राजकीय चिकित्सालयों में किया जा रहा है। इसके उच्चस्तरीय इलाज के लिए चकगंजरिया फार्म हाउस में विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान की स्थापना के लिए कार्रवाई की जा रही है।
की जा रही है मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
निजी क्षेत्र में स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए पढ़ना संभव नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान, सैफई में 1000 बेड के स्थान पर 1500 बेड के विस्तार करने के अलावा कन्नौज, आजमगढ़ जनपदों में मेडिकल कॉलेज संचालित किए गए हैं। बदायूं में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। जनपद जौनपुर में प्रस्तावित मेडिकल कालेज की भी आधारशिला शीघ्र रखी जाएगी।
टीचिंग ब्लॉक का किया निरीक्षण
आने वाले समय में कई अन्य जनपदों में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित कराकर एमबीबीएस और अन्य स्तर की सीटों में इजाफा कराया जाएगा। इससे गरीबों के इलाज के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चिकित्सकों को पहले की तरह पीजी के अध्ययन के लिए सुविधा मिलती रहेगी। कार्यक्रम के बाद परिसर में नवनिर्मित टीचिंग ब्लॉक का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निरीक्षण भी किया।
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