लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश के यादव के गृह जनपद इटावा की एक पंचायत ने किशोरी के अपहरण और बलात्कार के आरोपी का पकड़कर जिंदा जलाने का फरमान सुनाया है। जानकारी के अनुसार कुसौली गांव की पंचायत, जिसके प्रधान पंकज यादव है, ने ये फरमान सुनाया है। पंचायत में बालक राम यादव, अर्जुन सिंह यादव और सत्यराम यादव सदस्य हैं।
चार मई को गांव की ही एक 15 साल की किशोरी के साथ अपहरण और बलात्कार की घटना हुई और मामला पंचायत में पहुंचा। पंचायत में पीड़ित किशोरी के परिवार के साथ ही आरोपी सुखबीर सिंह यादव और शिवकुमार कठेरिया का परिवार उपस्थित हुआ। किशोरी के पिता ने आरोप लगाया कि सुखबीर और उसके दोस्त शिवकुमार ने मिलरक उसकी बेटी का चार मई को अपहरण किया। ये लोग उसे इटावा ले गए और वहां एक कमरे में बंद कर कई बार बलात्कार किया।
उन्होंने मामले की एफआईआर पुलिस में भी दर्ज कराई और 10 मई को लड़की को इटावा में एक घर से बरामद कर लिया गया। वहां से पुलिस ने शिवकुमार को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन सुखबीर फरार हो गया। बाद में पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया कि उसे सुखबीर, शिवकुमार और दो अन्य लोग उठाकर कार से इटावा ले गए। यहां इन चारों ने उसके साथ कई बार दुराचार किया।
उधर मामले में एएसपी, इटावा ॠषिपाल सिंह ने कहा कि उन्हें पंचायत के फरमान की जानकारी नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि वह फरार आरोपियों को पंचायत से पहले पकड़ लेंगे। चौबिया थाने के प्रभारी उपेंद्र नाथ राय ने कहा कि वह लगातार कुसैली गांव में कैम्प कर रहे हैं और पंचायत के इस फरमान के संबंध में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।
उधर पीड़ित ने सोमवार को अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। वहीं मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टरों ने अभी तक दुराचार की पुष्टि नहीं की है, उन्होंने मामले की फोरेंसिक जांच की सिफारिश की है।