लखनऊ. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में रोबोटिक उपकरण से सर्जरी पर विचार हो रहा है। इसके लिए गुरुवार को यूएसए की सर्जिकल कंपनी 'दा विंची' ने सर्जिकल रोबोट का डिमांस्ट्रेशन किया। निकट भविष्य में विवि प्रशासन इसे खरीद सकता है। इसके लिए हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है।
मेडिकल साइंस में रोज नए परिवर्तन हो रहे हैं। इसी क्रम में सर्जिकल रोबोट का डिमांस्ट्रेशन केजीएमयू के न्यू ओपीडी ब्लॉक में कंपनी के अधिकारी अनिल धवन के नेतृत्व में हुआ। मशीन को यहां दो दिनों के लिए लाया गया है। इसके बाद कंपनी इसे वापस मंगा लेगी।
इस बारे में विवि के कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि मशीन की कीमत काफी अधिक है। इसलिए तीन-चार विभागों से सहमति के बाद इसे खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी इसका डिमांस्ट्रेशन किया गया है। खरीदने से पहले इसके संचालन को लेकर फैकल्टी मेंबर को ट्रेंड करने के लिए बाहर भेजा जाएगा।
पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी बेहतर
पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी का फायदा यह है कि डॉक्टर को थ्री डाइमेंशनल व्यू दिखाई देता है। इसलिए इसमें एक गहराई भी दिखाई देती है जो कि होल सर्जरी में नहीं दिखती। रोबोट की मदद से किए जाने वाले ऑपरेशन सामान्य लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन की तरह ही होते हैं। इसमें शरीर में एक छोटा-सा छेद कर कैमरा या उपकरण डाले जाते हैं। मशीन के हाथ जैसे हिस्से रोबोट ही होते हैं।
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