लखनऊ. यूपी में उभरते किसान मंच ने किसान आयोग के गठन की शर्त पर नीतीश कुमार को समर्थन देने के संकेत दिए हैं। यह सारी कवायद 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर हो रही है।
क्या कहना है किसान मंच का?
- दिल्ली से वापस लौटे किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष शेखर दीक्षित का मानना है कि अगर नीतीश कुमार छोटे दलों को साथ लेकर यूपी में चलते हैं, तो यह अच्छी बात है।
- जो भी किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा, किसान मंच उसका समर्थन करेगा।
- किसानों का भला तभी होगा, जब केंद्र सरकार किसान आयोग का गठन करेगी।
नीतीश का क्या हो सकता है पॉसिबल गठजोड़
- बिहार में महागठबंधन करने के बाद अब नीतीश कुमार मिशन यूपी में जुट गए हैं।
- हालांकि, 2017 को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) जैसी पार्टियों को यूपी में अपने अस्तित्व को लेकर ही डर सता रहा है।
- फिलहाल नीतीश की जदयू और अजित सिंह की रालोद में सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है कि दोनों एक होकर काम करें।
- जदयू से जुड़े सूत्र मानते हैं कि दोनों पार्टियों को राजनीतिक दल बनाकर काम करना चाहिए।
- चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में नीतीश कुमार और शरद यादव सहित दोनों पार्टियों के नेता काम कर चुके हैं।
- ऐसे में दोनों को साथ काम करने में कोई समस्या नहीं होगी।
- दोनों दलों के नेताओं का ये भी मत है कि ओबीसी वोटर्स को नीतीश प्रभावित करने में सफल हो सकते हैं।
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