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B'DAY: ये हैं 'आप' की जीत के 'चाणक्य', देखें पर्सनल लाइफ की PHOTOS

6 वर्ष पहले
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लखनऊ/ गाजियाबाद. दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'आप' ने धमाकेदार जीत हासिल की है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने 70 में से 67 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, भाजपा को तीन और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। 'आप' के खास रणनीतिकारों में सबसे पहला नाम कवि कुमार विश्वास का आता है। वह 'आप' के चाणक्य कहे जाते हैं। यूपी के पिलखुआ के रहने वाले कुमार परिवार सहित गाजियाबाद में रहते हैं। 10 फरवरी को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया।
बात चाहे दिल्ली विधानसभा चुनाव में रणनीति तय करनी की हो या फिर रैलियों में अपनी कविताओं के जरिए युवाओं को उत्साहित करते हुए वोट करने की अपील की हो, कुमार ने अपनी हर भूमिका बखूबी निभाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से ताल ठोकने वाले कुमार की युवाओं के बीच लोकप्रियता को विरोधी पार्टियां भी नकार नहीं पातीं।
dainikbhaskar.com से बातचीत में 'आप' की जीत पर कुमार ने खुशी जाहिर की। दिल्ली की जनता का शुक्रिया अदा करते हुए वह कहते हैं- 'उत्तर से दक्षिण तक पूरा परिधान बदल डाला, दिल्ली ने बटन दबाकर हिंदुस्तान बदल डाला।'
अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में प्रकाश डालते हुए वह कहते हैं कि उनका जन्म यूपी के पिलखुआ में 10 फरवरी 1970 को हुआ था। उनके पिता प्रोफेसर थे। घर में पांच भाई-बहनों में वह सबसे छोटे थे। उनके पिता चाहते थे कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बने, लेकिन उन्होंने बीए में एडमिशन लिया। पढ़ाई का खर्च खुद उठाने की ठानी। इसके लिए वह मैग्जीन में कहानियां लिखने लगे और कवि सम्मेलन में कविताओं का पाठ करने लगे।
उन्होंने बताया कि उनकी पहली कविता- 'मुझसे सुनो खूब गजले मधुर गीत मुझसे मेरा मात्र परिचय न पूछो कि तपती धुपहरी में छत पर अकेली तो तुमको बुलाता था वो गीत हूं मैं' थी। इसी दौरान पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान उनकी राजस्थान के एक कॉलेज में आसिटेंट प्रोफेसर की नौकरी भी लग गई। यहां उनकी मुलाकात कॉलेज में ही ज्योग्राफी की महिला प्रोफेसर से हुई। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और आज वह उनकी पत्नी है। उनके परिवार में दो बच्चे भी हैं।
अपनी मशहूर कविता 'कोई दिवाना कहता है, कोई पागल समझता है' कुमार ने पहली बार 2002 में दिल्ली के एमएसआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारका में सुनाई थी। इसका ऑडियो-वीडियो युवाओं के बीच मोबाइल के जरिए खूब शेयर हुआ। लोग उनकी कविता के कायल हो गए। कुमार अब हिंदी का नया पोएटरी बैंड लाने की सोच रहे हैं। इसका नाम भी उन्होंने 'पोएटिका' रखने का फैसला लिया है।
आगे देखिए कुमार विश्वास के पर्सनल लाइफ की तस्वीरें...
EDITED BY: सुजीत वर्मा