फोटो: केजीएमयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम की ट्रेनिंग देतीं डॉ. रजनी गुप्ता।
लखनऊ. हर साल हमारे देश में हार्ट अटैक से हजारों लोगों की मौत हो जाती है। ऐसे मरीजों को यदि वक्त रहते बेसिक लाइफ सपोर्ट दिया जाए, तो उनकी जान बचने की संभावना दो से तीन फीसदी बढ़ जाती है। हमारी जिंदगी में इसकी काफी अहमियत है। जागरुकता में कभी के चलते लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में इसकी ट्रेनिंग की काफी जरूरत है। शुक्रवार को यह बातें केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की ट्रेनर प्रो. रजनी गुप्ता ने कही। वह वहां मौजूद लोगों को लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जानकारी दे रही थीं।
कार्यक्रम में डॉ. रजनी गुप्ता ने बताया कि ऐसी स्थिति आने पर पहले मरीज के कंधों को हिलाकर उसका रेस्पॉन्स चेक करें। इसके बाद मरीज की सांस की गति और धड़कन को देखते हुए सीने पर दबाव डालें। इसके अलावा दो बार मुंह से एक सेकेंड तक सांस देते रहें। जब तक डॉक्टर मरीज का इलाज न करें, तब तक मरीज की कार्डियक इलाज जारी रखें।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन केजीयमयू के वीसी प्रो. रविकांत ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बेसिक लाइफ सपोर्ट की जानकारी हर इंसान को होनी चाहिए। जरूरत के वक्त आप इससे संबंधित मरीज की मदद कर सकते हैं। उसकी जान बचाई जा सकती है। वीसी ने इश दौरान जगह-जगह ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्ररीलेटर लगाने के भी निर्देश दिए।
आगे देखिए, केजीएमयू में कार्यक्रम से जुड़ी अन्य तस्वीरें...