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लोकल फाल्ट से पूरे दिन बिजली संकट से जूझी राजधानी

7 वर्ष पहले
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ के लोग शुक्रवार को बिजली की आवाजाही से पूरे दिन परेशान रहे। बिजली कटौती से भले ही राजधानी अनछुई है, लेकिन लोकल फाल्ट के चलते बिजली संकट जैसे हालात का ही सामना करना पड़ा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में तार टूटने से लेकर, ट्रांसफार्मर की मरम्मत और तकनीकी खराबी के कारण लोगों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में चल रहे भीषण बिजली संकट का असर भले ही राजधानी लखनऊ पर न पड़ रहा हो, लेकिन शुक्रवार का दिन राजधानीवासियों के लिए संकट जैसा ही रहा। खदरा में सुबह दस बजे पुराने तार हटाकर एबीसी तार डालने का काम होता रहा। इसके चलते दोपहर समूचे खदरा और आसपास के इलाकों में बिजली नहीं रही। वहीं, अबरनपुर में लो टेंशन लाइन टूटने की वजह से सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक बिजली नहीं रही। लोगों के हंगामा करने के बाद तार बदले गए।
लालकुआं में दोपहर दो बजे ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। इसके बाद शाम करीब पांच बजे लोगों ने जमकर हंगामा किया। सुचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। इस बीच हंगामे की सूचना पर बिजली महकमा भी हरकत में आ गया। अधिकारियों ने आनन-फानन में ट्रांसफार्मर बदलवाने का काम शुरू कर दिया। वहीं, पेड़ कटाई के चलते अहिमामऊ में सुबह नौ से शाम चार बजे तक पावर शटडाउन रहा।
प्रदेश भर में नही सुधरे हालात
प्रदेश के लोगों को शुक्रवार को भी बिजली संकट से राहत नहीं मिल सकी। मांग और आपूर्ति के बीच करीब 3000 मेगावाट का गैप रहा। इसके चलते पिछले कुछ दिनों की तरह आज भी जिला से लेकर सभी महानगरों तक में जमकर अघोषित कटौती हुई। वीआईपी महानगरों में भी आठ घंटे तक की अघोषित कटौती की गई।
बिजली की किल्लत का सबसे ज्यादा सामना ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता कर रहे हैं। सूखा के चलते कृषि कार्य में बिजली की मांग है। इसको देखते हुए सुबह चार बजे से शाम चार बजे तक बिजली सप्लाई का शेड्यूल तैयार किया गया था। प्रदेश को चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है, जबकि नये शेड्यूल में उन्हें छह घंटे लगातार सप्लाई की जानी थी। कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र का कहना है कि राज्य विद्युत उत्पादन निगम की इकाइयों के पूरी क्षमता से न चल पाने से सप्लाई में दिक्कत आ रही है।
प्रतीकात्मक तस्वीर