फोटो: कार्यक्रम के दौरान बाएं से परिषद की महिला विंग की को-आर्डिनेटर गीता, एबीवीपी के महामंत्री सुनील और राष्ट्रीय मंत्री श्रीहरि।
लखनऊ. लव जिहाद का सबसे पहला मामला केरल में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के बीच में आया था। यह एक षड़यंत्र के तौर पर किया जा रहा है। एक तरह से यह मानवीय पहलू है। लोगों को कहा जाता है कि ऐसा करोगे जो जन्नत मिलेगी। इसलिए जरूरी यह भी है कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी समझे कि ऐसे लोग उनका ही नुकसान कर रहे हैं। इसके लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी जन जागरण अभियान चलाएंगे। यह बात एबीवीपी के महिला विंग के नेशनल वर्कशाप में आए हुए परिषद के महामंत्री सुनील आंबेकर ने कही।
शनिवार को राजधानी में एबीवीपी की दो दिवसीय नेशनल वर्कशाप का उद्घाटन किया गया। जहां संघ की सभी महिला विंग की को-आर्डिनेटर गीता गुंडे के साथ परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ममता यादव, राष्ट्रीय मंत्री श्रीहरि बोरिकर, महामंत्री सुनील आंबेकर और गीतांजली आदि मौजूद थी। इस वर्कशाप में पूरे देश से करीब 200 महिला सदस्य आई हुई थी। इस दौरान महिला उत्पीड़न,
धर्म परिवर्तन, लव जिहाद आदि अनेक मामलों के ऊपर जानकारी दी जाएगी।
सामाजिक समस्या है लव जिहाद
राष्ट्रीय मंत्री श्रीहरि बोरिकर ने कहा कि कॉलेज, कैंपस, और बाहर लोग नाम बदल कर घूम रहे हैं और अपने जाल में फंसाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहचानना होगा और बचना होगा। एक विशेष वर्ग इनके जाल में फंस रहा है।
महामंत्री सुनील आंबेकर ने बताया कि यह कोई राजनीतिक समस्या नहीं है बल्कि यह एक सामाजिक समस्या और पहलू है। इस पर जागरूकता जरूरी है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी समझना चाहिए कि कुछ लोगों की वजह से कौम की बदनामी हो रही है। जिस तरह जिहाद के नाम आतंकवाद की घटनाएं हो रही है। उसी तरह लव जिहाद चल रहा है।
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