लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) में परीक्षा दे चुके सैकड़ों छात्रों के मार्कशीट (अंकपत्र) गलत छप गए हैं। गड़बड़ी प्रकाश में आने के बाद विवि प्रशासन में खलबली मच गई है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि यह गलती छात्रों द्वारा परीक्षा फॉर्म में दी गई गलत जानकारी से छपी है या फिर कॉलेज या खुद के विभाग की गलती से। फिलहाल इन गलतियों को लेकर विवि के परीक्षा विभाग की तरफ से एक आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई किए जाने की बात कर रहा है।
बताते चलें कि विश्विविद्यालय स्तर पर इस बार जारी हुए रिजल्ट में भारी संख्या में मार्कशीट में गलतियां सामने आई हैं। जांच में शुरुआती दौर में पाया गया है कि इस मामले में करीब 90 फीसदी से अधिक मार्कशीट में छात्रों के अभिभावक के नाम सबसे ज्यादा गलत है। इसके अलावा नंबर गलत चढ़ने की भी शिकायत है।
अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के बारे में सारी जानकारी कॉलेजों की ओर से स्टूडेंट्स का डाटा कार्ड भरकर भेजा जाता है। उसी के आधार पर मार्कशीट में उसे अंकित किया जाता है। यह डाटा कार्ड कॉलेज और स्टूडेंट्स खुद ही भरते हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी कॉलेजों की ओर से मिले डाटा के आधार पर ही मार्कशीट प्रिंट कराती है। इसमें नंबर गलत चढ़ने के मामलों की संख्या करीब पांच से छह फीसदी के बीच हैं।
बीकॉम प्रथम वर्ष के मार्कशीट में 284 गलतियां
शुरुआती जांच में बीकॉम प्रथम वर्ष में 284 मार्कशीट में गलतियां पाई गई हैं। इनमें से 270 मार्कशीट में जो गड़बडिय़ा मिली हैं उसमें स्टूडेंट्स के माता-पिता के नाम गलत है। 10 मार्कशीट में गलत नंबर अंकित होने का मामला प्रकाश में आया है। शेष चार मार्कशीट में छोटी-मोटी गलतियां पाई गई हैं।
जांच में दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि वे इसलिए सभी मार्कशीट की गलतियों की जांच करा रहे हैं ताकि परिणाम आने यह पता चले कि जो गलतियां सामने आई हैं उसके पीछे क्या कारण हैं। इसके बाद जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय की फाइल फोटो