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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम 7 महीने में हुआ पूरा

Dainik Bhaskar

Mar 22, 2015, 06:51 PM IST

यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, कानपुर, मैनपुरी, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद और आगरा से होकर गुजरता है।

फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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लखनऊ. सीएम अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो गया है। यह काम सात महीने से भी कम समय में पूरा हुआ है, जोकि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लखनऊ से आगरा के बीच इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 302 किलोमीटर है।
यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, कानपुर, मैनपुरी, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद और आगरा से होकर गुजरता है। इसके लिए 3064.8352 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करनी थी। इसके लिए 95 फीसदी जमीन किसानों से बातचीत करके ली जा चुकी है। सीएम अखिलेश और उनके परिवार के प्रभाव वाले जिले इटावा, कन्नौज और मैनपुरी से लगभग एक हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।
इस परियोजना के प्रभारी नवनीत सहगल ने बताया कि इतने कम समय में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करना यूपी के लिए एक उपलब्धि है। जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को लगभग 2700 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। नवनीत सहगल नवगठित उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सीईओ भी हैं।
लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम 2 सितंबर 2013 से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का दूसरे राज्यों ने भी अनुसरण किया। किसानों और राज्य सरकार की सहमति के आधार पर इन 10 जिलों में 30 हजार रजिस्ट्री हो चुकी है। एक्सप्रेस-वे को बनाने का काम पांच पैकेजों में बांटा जा चुका है। यह एक्सप्रेस-वे लगभग दो सालों में पूरा हो सकेगा।
यूपीडा द्वारा ईपीसी पद्धति के आधार पर इस एक्सप्रेस-वे को बनाया जा रहा है। इसकी निर्माण लागत लगभग 15 हजार करोड़ रुपए आंकी जा रही है। लखनऊ को आगरा से जोड़ने वाला 302 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे 6 लेन है। बाद में इसे 8 लेन करने की भी बात कही जा रही है। लगभग 232 गांव भी एक्सप्रेस-वे से जोड़ जाएंगे। इससे वहां यातायात और व्यापार में फायदा मिलेगा।
इस एक्सप्रेस-वे में चार रेल ओवरब्रिज, 13 बड़े पुल, 52 छोटे पुल, 59 अंडरपास और 132 पैदल यात्री पथ होंगे। इससे बन जाने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। शहरों के लघु उद्योग, दस्तकारी और कृषि उत्पादों का रास्ता खुलेगा। आगरा का चमड़ा उद्योग, फिरोजाबाद का कांच उद्योग और कन्नौज का इत्र उद्योग को भी एक्सप्रेस वे के बनने से फायदा होगा।

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