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लखनऊ. राजधानी में अपने सपनों का आशियाना खरीदने का सपना देखने वाले लोगों पर अब दोगुना भार पड़ने वाला है। लखनऊ में 15 दिसंबर से बढ़ा हुआ नया सर्किल रेट लागू हो जाएगा। ऐसे में न सिर्फ जमीन के दाम बढ़ जाएंगे बल्कि रजिस्ट्री की कीमत भी बढ़ जाएगी। इस बार पांच फीसदी से लेकर 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में राजधानी में आशियाना बनाने के लिए जमीन खरीदने वालों को न सिर्फ जमीन के दाम ज्यादा चुकाने पड़ेंगे बल्कि रजिस्ट्री के लिए भी अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
एडीएम धनंजय शुक्ला ने बताया कि हर साल बढ़ने वाला सर्किल रेट इस बार भी तय कर दिया गया है और इसे 15 दिसंबर से लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद उसी सर्किल रेट के आधार पर जमीनों की खरीद फोरख्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार सर्किल रेट में सबसे कम बढ़ोतरी हजरतगंज इलाके की हुई है। यहां वर्तमान सर्किल रेट में पांच फीसदी का इजाफा किया गया है, जबकि सबसे ज्यादा मोहनलाल गंज इलाके का सर्किल रेट है। यहां पर 10 फीसदी से लेकर 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट बढ़ने से राजस्व में बढ़ोतरी होगी। सर्किल रेट लागू होने के बाद इसे ऑनलाइन भी देखा जा सकता है।
कृषि भूमि का सर्कल रेट में 15 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी
बताते चलें कि इस बार जो सर्किल रेट बढ़ाया गया है उसमें कृषि भूमि का ज्यादा बढ़ाया गया है। कृषि जमीनों का सर्किल रेट 15 से 25 फीसदी बढ़ा है। वहीं, आवासीय क्षेत्रों में करीब 10 फीसदी तक बढ़ाया गया। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से न सिर्फ जमीन के दाम बढ़ेंगे बल्कि स्टांप शुल्क के साथ ही मकान के दाम भी बढ़ जाएंगे। देवेंद्र मार्केटिंग एंड रियल स्टेट के डॉ. सौरभ सिन्हा का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ने से सीधा फर्क मकानों के दामों पर पड़ेगा। लोगों को अब मकान खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
बढ़ जाएंगे मकानों के दाम
इससे न सिर्फ एलडीए और आवास विकास की आवासीय योजनाओं में बनने वाले मकानों के दाम बढ़ जाएंगें बल्कि निजी बिल्डरों के मकानों के दाम भी बढ़ जाएंगे। लाजिमी है कि जब बिल्डरों को ही ऊंची दाम पर जमीन मिलेगी तो वे उसी हिसाब से ही लोगों से भी कीमत लेंगे। इसके साथ ही मकानों की रजिस्ट्री में लगने वाला स्टांप शुल्क भी ज्यादा होगा। वहीं, ड्रीम लैंड डेवलपर के पीटर का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ने से जमीन, मकान और स्टांप शुल्क तीनों के दाम बढ़ेंगे। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कहां पर कितना सर्किल रेट बढ़ा है। उसी हिसाब से जो स्टांप शुल्क लगता था। उसमें बढ़ोतरी हो जाएगी।
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