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साथी की मौत से नाराज हाईकोर्ट के वकीलों का हंगामा, तोड़फोड़, दो बसें फूंकी

5 वर्ष पहले
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लखनऊ. वकीलों के हंगामे के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में दो परिवाद दायर किए गए हैं। पहला परिवाद एडवोकेट प्रिंस सैनी ने दाखिल किया है। इसमें उन्होंने पूरे मामले की ज्यूडिशियरी जांच कराने, घायल वकीलों को उचित मुआवजा देने और हाईकोर्ट के आसपास हाईराइज बिल्डिंगों पर एक्शन लेने की मांग की है। दूसरा परिवाद एडवोकेट अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी की ओर से दाखिल किया गया है। इसमें पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अनंत कुमार की बेंच ने दो परिवाद पर सुनवाई की मंजूरी दे दी है।
बुधवार शाम जजों की फुल बेंच ने की सुनवाई
नाका थानाक्षेत्र के गणेशगंज में वकील की हत्या के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ और पथराव किया था। 100 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की और रोडवेज की दो बसों सहित कई गाड़ियां फूंक दी। पथराव-आगजनी के मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए बुधवार देर शाम जजों की फुल बेंच ने सुनवाई की।
मीडिया वालों के कैमरे तोड़े
प्रदर्शनकारी वकीलों ने मीडियावालों को भी नहीं बख्शा और उनके कैमरे तोड़ दिए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता अवधेश हमले में बुरी तरह से घायल हुए हैं। उन्हें सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डीएम राजशेखर ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
- वकील बुधवार सुबह से नाका इलाके में एडवोकेट श्रवण वर्मा की हत्या में जस्टिस के लिए इकट्ठा हुए थे।
- उन्होंने नारेबाजी करते हुए मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांगी की। काफी देर तक किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर वे आक्रोशित हो गए।
- वकीलों ने मंडलायुक्त कार्यालय के गेट पर दो रोडवेज बसें रुकवाईं। यात्रियों को बस से उतारा और दोनों बसों में आग लगा दी। स्टेपनी चौराहे पर रखकर उसमें आग लगाकर पूरा ट्रैफिक रोक दिया।
- वहीं, पुलिस पिकेट और मुलायम सिंह यादव की होर्डिंगों को भी आग के हवाले कर दिया।
- कुछ वकील स्वास्थ्य भवन में घुस गए और वहां पार्किंग में खड़े वाहनों में आग लगाने लगे। तब तक स्वास्थ्य कर्मियों ने छत से वकीलों पर पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया। वकीलों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कोल्ड डिंक की बोतलें फेंकी।
- मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता की गई, कई मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़ दिए गए।
बवाल बढ़ता रहा, अमला बेबस खड़ा रहा

-वकीलों के बवाल और जाम की सूचना मिलते ही एसपी ट्रैफिक ने कमान संभाली।
- इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां फोर्स के साथ आग बुझाने पहुंची, लेकिन वकीलों का उपद्रव जारी रहा। ऐसे में पुलिस की कोशिश नाकाफी साबित होने लगी।
-स्वास्थ्य कर्मियों ने भी अपने कार्यालय के गेट बंदकर अपनी जान बचाने मे ही अपनी भलाई समझी।
- वकीलों ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
राधा-कृष्ण मंदिर के पास मिली थी वकील की लाश
- मंगलवार को हाईकोर्ट के वकील श्रवण कुमार वर्मा (36) की हत्या कर दी गई थी। वह मूलरूप से बाराबंकी के रहने वाले थे।
- पुलिस ने वकील की लाश नाका इलाके के राधा-कृष्ण मंदिर के पास से बरामद की थी।
- मृतक के परिवार में पत्नी समेत बेटा विनय वर्मा (9), बेटी दिव्यांशी (4) है। वकील के भाई बलराम का आरोप है कि हत्या को हादसा दिखाने के लिए लाश को छत से फेंक दिया गया था।

आगे की स्लाइड्स में देखिए, वकीलों ने कैसे किया हंगामा...